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पितृ पक्ष का धार्मिक महत्व: पूर्वजों की तृप्ति के लिए अन्नदान, वस्त्रदान और तर्पण का विशेष विधान

धर्म डेस्क: पितृ पक्ष के दौरान पूर्वजों के निमित्त किए जाने वाले कार्यों में दान-पुण्य का विशेष स्थान है। इस अवधि में गरीबों, जरूरतमंदों और गौ-सेवा करने से पितृ दोष शांत होते हैं।
शास्त्रों के अनुसार इस दौरान तर्पण और पिंडदान करने से पूर्वज तृप्त होकर अपने परिजनों को सुख-समृद्धि का आशीर्वाद देते हैं।
मुख्य विधान
- अन्नदान और जल दान: ब्राह्मणों और जरूरतमंदों को भोजन व वस्त्र अर्पित करना।
- पंचबलि कर्म: गाय, कुत्ते, कौए, चींटी और देवताओं के लिए भोजन का अंश निकालना।
