UP: कोर्ट में तय ड्रेस कोड में ही पेश होंगे अफसर, हलफनामे पर सिर्फ नीली स्याही का आदेश

प्रयागराज| इलाहाबाद हाईकोर्ट की तल्ख टिप्पणी के बाद उत्तर प्रदेश शासन ने न्यायालय की गरिमा और प्रोटोकॉल बनाए रखने के लिए प्रदेश के सभी प्रशासनिक व पुलिस अधिकारियों के लिए बेहद सख्त दिशा-निर्देश जारी किए हैं। शासन के नए आदेश के मुताबिक, अब चाहे कोर्ट में व्यक्तिगत (फिजिकल) रूप से पेशी हो या वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग (वर्चुअल) के जरिए, अधिकारियों को अनिवार्य रूप से निर्धारित ड्रेस कोड में ही हाजिर होना होगा।
यही नहीं, हलफनामे (Affidavit) पर लगने वाली फोटो में भड़कीले कपड़े, खुले बाल और रंगीन चश्मों पर पूरी तरह पाबंदी लगा दी गई है। साथ ही शपथ पत्र पर हस्ताक्षर और मुहर के लिए लाल, हरी या काली स्याही के इस्तेमाल पर रोक लगाते हुए सिर्फ नीली स्याही (Blue Ink) का प्रयोग अनिवार्य कर दिया गया है।
गाइडलाइन की 4 बड़ी बातें:
- ड्रेस कोड का सख्ती से पालन: शारीरिक या वर्चुअल पेशी के दौरान अधिकारियों को पद के अनुरूप तय ड्रेस कोड में ही आना होगा।
- फोटो के सख्त नियम: हलफनामे पर हाल ही की फोटो लगेगी; आधुनिक-भड़कीले कपड़े, खुले बाल और रंगीन चश्मों पर पूरी तरह रोक।
- सिर्फ नीली स्याही का इस्तेमाल: शपथ पत्र दाखिल करने वाले अधिकारी, नोटरी और शपथ आयुक्त के हस्ताक्षर व मोहर में केवल नीली स्याही मान्य होगी।
- सभी अधिकारियों को सर्कुलर: मुख्य सचिव के निर्देश पर नियुक्ति अनुभाग ने सभी IAS, IPS, मंडलायुक्तों, पुलिस आयुक्तों और DMs को आदेश जारी किए।
चीफ स्टैंडिंग काउंसिल के पत्र और हाईकोर्ट के रुख के बाद एक्शन
हाईकोर्ट के प्रभारी मुख्य स्थायी अधिवक्ता (Chief Standing Counsel) मनोज कुमार सिंह ने मुख्य सचिव और प्रमुख सचिव (न्याय) को एक आधिकारिक पत्र लिखकर इस गंभीर स्थिति से अवगत कराया था।
पत्र में उल्लेख किया गया कि कोर्ट के आदेशों के क्रम में जब अधिकारी व्यक्तिगत रूप से न्यायालय में पेश होते हैं या अपने हलफनामे दाखिल करते हैं, तो वे अक्सर निर्धारित प्रोटोकॉल और कोर्ट की मर्यादा का पालन नहीं करते। इस पर हाईकोर्ट ने कड़ा ऐतराज जताते हुए मुख्य स्थायी अधिवक्ता को तलब किया था और राज्य सरकार को तत्काल औपचारिक सर्कुलर जारी करने के निर्देश दिए थे।
हलफनामे की फोटो में नहीं चलेंगे 'फैशन', सादगी जरूरी
शासन द्वारा जारी नई गाइडलाइन में हलफनामों की प्रस्तुति को लेकर विशेष निर्देश दिए गए हैं:
- फोटो की शालीनता: शपथ पत्र पर चस्पा की जाने वाली तस्वीर हाल ही की होनी चाहिए और उसमें अधिकारी शालीन व औपचारिक कपड़ों में नजर आएं।
- इन चीजों पर पूर्ण प्रतिबंध: फोटो में आधुनिक, कैजुअल या भड़कीले कपड़े, महिलाओं/पुरुषों के खुले बाल और फैशनेबल/रंगीन चश्मे (Tinted Glasses) लगाने पर सख्त रोक रहेगी।
- वर्चुअल पेशी में भी औपचारिकता: कई बार अधिकारी वर्चुअल सुनवाई के दौरान अनौपचारिक कपड़ों या अनुचित माहौल में जुड़ते हैं, जिसे अब प्रोटोकॉल का उल्लंघन माना जाएगा।
हस्ताक्षर और मुहर के लिए सिर्फ 'ब्लू इंक' अनिवार्य
अक्सर देखा जाता है कि अधिकारी या शपथ आयुक्त हस्ताक्षर और मुहर लगाने में लाल, हरी, काली या अन्य किसी भी स्याही का इस्तेमाल कर लेते हैं। शासन ने इसे कोर्ट के नियमों के विपरीत माना है। नए आदेश के तहत:
- शपथ पत्र दाखिल करने वाले अधिकारी के हस्ताक्षर केवल नीली स्याही से होंगे।
- शपथ आयुक्त (Oath Commissioner) या नोटरी के हस्ताक्षर व मुहर में भी केवल नीली स्याही का ही इस्तेमाल किया जाएगा।
नियुक्ति अनुभाग ने प्रदेश के सभी विभागाध्यक्षों, मंडलायुक्तों, पुलिस कमिश्नरों, जिलाधिकारियों और पुलिस कप्तानों को इन आदेशों का कड़ाई से अनुपालन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया है। चेतावनी दी गई है कि नियमों की अनदेखी करने वाले अधिकारियों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की जा सकती है।
