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मेंस हॉकी वर्ल्ड कप: जर्मनी फिर बना वर्ल्ड चैंपियन, फाइनल में स्पेन को 1-0 से हराकर जीता रिकॉर्ड चौथा खिताब

30 August 2026
मेंस हॉकी वर्ल्ड कप: जर्मनी फिर बना वर्ल्ड चैंपियन, फाइनल में स्पेन को 1-0 से हराकर जीता रिकॉर्ड चौथा खिताब

वेवरे (बेल्जियम):
बेलफियस एरेना में खेले गए मेंस हॉकी वर्ल्ड कप के सांसे रोक देने वाले फाइनल मुकाबले में जर्मनी ने स्पेन को 1-0 से हराकर लगातार दूसरी बार वर्ल्ड चैंपियन बनने का गौरव हासिल किया है। इस ऐतिहासिक जीत के साथ ही जर्मनी ने कुल चौथी बार वर्ल्ड कप की ट्रॉफी अपने नाम कर इतिहास रच दिया है और सबसे ज्यादा खिताब जीतने के मामले में रिकॉर्ड की बराबरी कर ली है। पूरे मैच में दोनों ही टीमों के बीच जोरदार डिफेंसिव जंग देखने को मिली, लेकिन अंत में जर्मन टीम का अनुभव और आक्रामकता स्पेन पर भारी पड़ी।

तीसरे क्वार्टर में मिशेल स्ट्रूथॉफ का 'गोल्डन गोल'

मैच का सबसे निर्णायक क्षण तीसरे क्वार्टर के आखिरी पलों में देखने को मिला, जब पूरे मैच में शानदार खेल रही स्पैनिश डिफेंस से एक छोटी सी चूक हुई।

हानेस मुलर ने स्पैनिश सर्कल के शीर्ष पर मिली लूज बॉल को फुर्ती से लपका और बायलाइन की तरफ मौजूद मिशेल स्ट्रूथॉफ को एक बेहतरीन रिवर्स पास थमाया।

पॉल-फिलिप कॉफमैन के सहयोग से मिले इस सुनहरे मौके को स्ट्रूथॉफ ने खाली नहीं जाने दिया और स्पेनिश गोलकीपर लुईस काल्जादो को छकाते हुए गेंद को गोलपोस्ट में डालकर टीम को 1-0 की अजेय बढ़त दिला दी।

कांटे की टक्कर: गोलकीपर्स और डिफेंडर्स का दबदबा

मैच की शुरुआत से ही दोनों टीमों के बीच जबरदस्त जंग देखने को मिली:

पहले 90 सेकंड में अटैक: जर्मनी ने मैच शुरू होते ही पहले 90 सेकंड में पेनल्टी कॉर्नर हासिल कर स्पेन पर दबाव बनाया, लेकिन बेनेडिक्ट श्वार्जहॉप्ट के जोरदार ड्रैगफ्लिक को गोलकीपर काल्जादो ने शानदार डाइव लगाकर रोक दिया।

स्पेन के पेनल्टी कॉर्नर बेकार: इसके बाद जोर्डी बोनास्ट्रे की कप्तानी में स्पेनिश डिफेंस ने जर्मन फॉरवर्ड्स को खुलकर खेलने का मौका नहीं दिया। तीसरे क्वार्टर में स्पेन को भी लगातार तीन पेनल्टी कॉर्नर मिले, लेकिन जर्मन डिफेंडर थियो हिंरिच्स के निडर 'फर्स्ट रश' और कप्तान मार्क मिरालेस व पेपे कुनिल के शॉट चूकने से स्पेन बराबरी का गोल करने से चूक गया।

आखिरी 4 मिनट का ड्रामा और स्पेन का टूटा सपना

मैच खत्म होने से करीब चार मिनट पहले स्पेन ने ऑल-आउट अटैक का बड़ा जोखिम उठाया। स्पेनिश कोच ने गोलकीपर काल्जादो को बेंच पर बुलाकर मैदान में 11वां अतिरिक्त आउटफील्ड खिलाड़ी उतार दिया। स्पेन ने अंतिम पलों में जर्मनी के डी-एरिया पर लगातार हमले बोले, लेकिन जर्मनी की दीवार जैसी मजबूत डिफेंस को भेदना नामुमकिन साबित हुआ।

इस हार के साथ ही स्पेन का पहली बार वर्ल्ड कप जीतने का सपना एक बार फिर टूट गया। स्पेन को इससे पहले 1971 और 1998 के वर्ल्ड कप फाइनल में भी खिताबी हार का सामना करना पड़ा था।