उत्तराखंड में 17 सितंबर से स्वच्छता ही सेवा अभियान, एक महीने तक चलेंगे सफाई कार्यक्रम

देहरादून: उत्तराखंड में स्वच्छता ही सेवा अभियान 17 सितंबर से शुरू होकर 17 अक्टूबर तक चलेगा। इस बार अभियान की थीम रखी गई है — स्वच्छता में सहभाग, स्वच्छ भारत, विकसित भारत। पूरे महीने प्रदेश के नगर निकायों में अलग-अलग कार्यक्रम तय किए गए हैं।
नगर विकास निदेशक विनोद गोस्वामी ने बताया कि अभियान की शुरुआत 17 सितंबर को होगी, जब लोगों से अपने घर या प्रतिष्ठान के बाहर एक दीया जलाने की अपील की गई है। इसके बाद महीने भर सफाई, जागरूकता और कचरा प्रबंधन से जुड़ी गतिविधियाँ चरणों में होंगी।
महीने भर का कार्यक्रम
- 17 सितंबर: अभियान का शुभारंभ, घरों और प्रतिष्ठानों के बाहर एक दीया जलाने की अपील।
- 27 सितंबर: विश्व पर्यटन दिवस पर पर्यटन स्थलों और उनके आसपास के इलाकों में विशेष सफाई।
- 1 अक्टूबर: एक दिन, एक घंटा, एक साथ के तहत सामूहिक श्रमदान।
- 2 अक्टूबर: स्वच्छ भारत दिवस, ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियमों पर कार्यशालाएँ और एक पेड़ माँ के नाम अभियान के तहत पौधरोपण।
सफाई कर्मचारियों के लिए अलग इंतजाम
अभियान में इस बार सफाई कर्मचारियों के लिए अलग से व्यवस्था रखी गई है। निकायों को निर्देश दिया गया है कि उनके स्वास्थ्य परीक्षण शिविर लगाए जाएँ और काम के दौरान इस्तेमाल होने वाली सुरक्षा किट उपलब्ध कराई जाएँ। यह हिस्सा इसलिए जोड़ा गया है, क्योंकि सफाई से जुड़े कामों में सीधे जोखिम इन्हीं कर्मचारियों पर रहता है।
निदेशालय की ओर से प्रवीण कुमार और राजीव पांडेय को अलग-अलग गतिविधियों की निगरानी की जिम्मेदारी दी गई है, जबकि रचना पायल कार्यक्रमों के समन्वय का काम देखेंगी। सभी निकायों से हर चरण की रिपोर्ट भेजने को कहा गया है।
अधिकारियों का कहना है कि अभियान की सफलता का पैमाना सिर्फ आयोजनों की संख्या नहीं होगी, बल्कि यह भी देखा जाएगा कि कचरा अलग-अलग करने की आदत कितने घरों तक पहुँची। इसके लिए स्कूलों और स्वयंसेवी संगठनों को भी जोड़ा जा रहा है।
