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उत्तर प्रदेश मंत्रिमंडल ने लिए 23 फैसले, परिषदीय स्कूल बनेंगे स्मार्ट और किसानों को सस्ता कर्ज

16 September 2026
उत्तर प्रदेश मंत्रिमंडल ने लिए 23 फैसले, परिषदीय स्कूल बनेंगे स्मार्ट और किसानों को सस्ता कर्ज

लखनऊ: उत्तर प्रदेश मंत्रिमंडल ने मंगलवार को मुख्यमंत्री आवास पर हुई बैठक में 23 प्रस्तावों को मंजूरी दी। इनमें परिषदीय स्कूलों को स्मार्ट स्कूल के रूप में विकसित करने, किसानों को सस्ती दर पर लंबी अवधि का कर्ज देने और एक नए एक्सप्रेसवे से जुड़े प्रस्ताव शामिल हैं।

बैठक के बाद वित्त एवं संसदीय कार्य मंत्री सुरेश खन्ना ने फैसलों की जानकारी दी। सबसे बड़ा प्रस्ताव चित्रकूट लिंक एक्सप्रेसवे से जुड़ा रहा, जिसका संशोधित प्रारूप मंजूर किया गया।

एक्सप्रेसवे पर एक हजार करोड़ से ज्यादा खर्च

चित्रकूट लिंक एक्सप्रेसवे 15.172 किलोमीटर लंबा होगा और इसे नियंत्रित पहुँच वाले छह लेन के ग्रीनफील्ड मार्ग के रूप में बनाया जाएगा। निर्माण अभियांत्रिकी, खरीद और निर्माण पद्धति पर होगा तथा इस पर 1,008.67 करोड़ रुपये खर्च होंगे, जो पूरी तरह राज्य सरकार वहन करेगी। इसके लिए वैश्विक निविदाएँ आमंत्रित की जाएँगी।

  • स्मार्ट स्कूल: परिषदीय प्राथमिक विद्यालयों को स्मार्ट स्कूल के रूप में विकसित करने के प्रस्ताव को हरी झंडी।
  • मुख्यमंत्री कृषक समृद्धि योजना: लघु और सीमांत किसानों को छह लाख रुपये तक का दीर्घकालिक ऋण छह प्रतिशत वार्षिक ब्याज पर, उत्तर प्रदेश सहकारी ग्राम विकास बैंक के जरिए।
  • पूर्व अग्निवीरों को आरक्षण: जेल वार्डर की सीधी भर्ती में 20 प्रतिशत पद आरक्षित, परिवहन विभाग के प्रवर्तन सिपाही पद पर भी 20 प्रतिशत क्षैतिज आरक्षण और आयु में छूट।
  • पीआरडी जवानों के लिए इलाज: मुख्यमंत्री पीआरडी कैशलेस चिकित्सा योजना के तहत स्वयंसेवकों और उनके आश्रितों को नकद रहित इलाज की सुविधा।
  • खिलौना नीति: उत्तर प्रदेश खिलौना विनिर्माण प्रोत्साहन नीति-2025 को मंजूरी।

शिक्षा और खेती पर जोर

परिषदीय स्कूलों को स्मार्ट स्कूल बनाने की योजना का मकसद कक्षाओं में डिजिटल सामग्री और बेहतर बुनियादी सुविधाएँ पहुँचाना है। दूसरी तरफ कृषक समृद्धि योजना उन छोटे किसानों के लिए है, जिन्हें सिंचाई के साधन या खेती से जुड़े उपकरण खरीदने के लिए लंबी अवधि का कर्ज चाहिए होता है और जो ऊँची ब्याज दर के कारण पीछे हट जाते हैं।

मंत्रिमंडल ने बाकी प्रस्तावों में विभिन्न विभागों से जुड़े प्रशासनिक और वित्तीय मामलों को भी मंजूरी दी। अधिकारियों को कहा गया है कि स्वीकृत योजनाओं पर अमल की समयसीमा तय कर रिपोर्ट भेजी जाए।