मुस्लिम धर्मगुरु की टिप्पणी पर राहुल गांधी की चुप्पी पर सीएम धामी का तीखा वार

- केरल के ग्रैंड मुफ्ती शेख अबू बकर अहमद के महिलाओं पर दिए विवादित बयान की सीएम धामी ने की कड़ी निंदा।
- सीएम पुष्कर सिंह धामी बोले- भारतीय संस्कृति में नारी को देवी तुल्य माना गया है।
- राहुल गांधी पर साधा निशाना- कहा, सनातन पर बोलने वाले मुफ्ती के बयान पर साध लेते हैं चुप्पी।
- 'दो चाय के ग्लास' वाले राहुल गांधी के बयान को बताया बेतुका, कहा- जनता ने कांग्रेस का धरातल छीन लिया।
देहरादून:
केरल में ग्रैंड मुफ्ती शेख अबू बकर अहमद द्वारा महिलाओं को लेकर दिए गए विवादित बयान पर सियासत गरमा गई है. उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अबू बकर अहमद के बयान की तीखी आलोचना करते हुए इसे बेहद ‘निम्न कोटि का बयान’ करार दिया है. इसके साथ ही सीएम धामी ने इस मुद्दे पर कांग्रेस और विशेष रूप से राहुल गांधी के रुख पर सवाल उठाते हुए उन पर तुष्टिकरण की राजनीति का आरोप लगाया है.
क्या था ग्रैंड मुफ्ती का विवादित बयान?
दरअसल, कोच्चि में आयोजित 'हुब्बुल रसूल सम्मेलन' को संबोधित करते हुए ग्रैंड मुफ्ती शेख अबू बकर अहमद ने कहा था कि महिलाओं को अपने घरों तक ही सीमित रहना चाहिए और उन्हें बाहर नहीं निकलना चाहिए, क्योंकि उन्हें सार्वजनिक क्षेत्र में लाने से भारी विनाश हो सकता है. इस बयान पर कड़ी आपत्ति जताते हुए सीएम धामी ने कहा कि भारतीय संस्कृति और शास्त्रों में नारी को देवी का स्थान दिया गया है, जहां स्पष्ट कहा गया है कि जिस स्थान पर नारी का सम्मान और पूजन होता है, वहां देवताओं का वास होता है.
'सनातन पर बोलने वाले अब मौन क्यों?' राहुल गांधी पर तीखा वार
सीएम धामी ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी को आड़े हाथों लेते हुए कहा,
"कांग्रेस पार्टी के युवराज राहुल गांधी समय-समय पर मनुस्मृति की बात करते हैं और सनातन धर्म पर सवाल खड़े करते हैं. उनकी पार्टी के नेता सनातन की तुलना डेंगू, मलेरिया और वायरल फीवर से करते हैं, जिस पर कभी कोई स्पष्टीकरण नहीं आता. लेकिन जब महिलाओं के अधिकारों और उनके सम्मान की बात आती है, तो वे पूरी तरह चुप्पी साध लेते हैं."
सीएम ने आगे कहा कि उत्तराखंड के रुद्रपुर के त्रिशूल चौक समेत कई जगहों पर कुछ लोग उन्मादी और जिहादी नारे लगाते हैं, लेकिन ऐसे तत्वों के खिलाफ राहुल गांधी या कांग्रेस का कोई बयान नहीं आता.
'तुष्टिकरण के लिए महिला सशक्तिकरण का ढोंग'
मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि राहुल गांधी मंचों से महिला उत्थान की बड़ी-बड़ी बातें सिर्फ एक विशेष वर्ग को खुश करने और वोट बैंक साधने के लिए करते हैं. उन्होंने कहा कि यदि कांग्रेस सच में महिलाओं के सम्मान के प्रति गंभीर होती, तो राहुल गांधी और प्रियंका गांधी को ग्रैंड मुफ्ती के इस महिला विरोधी बयान का खुलकर विरोध करना चाहिए था और स्पष्ट कहना चाहिए था कि ऐसी सोच बर्दाश्त नहीं की जा सकती.
'दो चाय ग्लास' वाले बयान पर सीएम धामी का पलटवार
राहुल गांधी के उस बयान पर भी सीएम धामी ने जवाब दिया, जिसमें उन्होंने कहा था कि चाय की दुकानों पर दो ग्लास रखे जाते हैं (एक विशेष वर्ग के लिए डिस्पोजल). इस पर सीएम ने कहा, "मैं भी देश के कई हिस्सों में घूमा हूं, कहीं भी कोई चाय वाला किसी ग्राहक से उसकी जाति या नाम पूछकर ग्लास नहीं देता. राहुल गांधी बिना सिर-पैर की बातें कर रहे हैं, जिनका जमीनी हकीकत से कोई वास्ता नहीं है."
सीएम धामी ने अंत में कहा कि चुनाव जीतने के लिए जनता के बीच काम करना पड़ता है, केवल बयानबाजी से कुछ नहीं होता. कांग्रेस ने जनता के लिए काम नहीं किया, इसी वजह से देश की जनता ने उनसे उनका राजनीतिक धरातल ही छीन लिया है.
