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पौड़ी में PWD कर्मचारी की दर्दनाक मौत: 11 दिन बाद सरकारी आवास से बदबू उठी तो खुला कमरा; सड़ी-गली हालत में मिला शव

2 September 2026
पौड़ी में PWD कर्मचारी की दर्दनाक मौत: 11 दिन बाद सरकारी आवास से बदबू उठी तो खुला कमरा; सड़ी-गली हालत में मिला शव

पौड़ी गढ़वाल:
उत्तराखंड के पौड़ी गढ़वाल जिला मुख्यालय से एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। यहां लोक निर्माण विभाग (PWD) की सरकारी कॉलोनी में स्थित एक आवास से विभाग के ही चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी का कई दिन पुराना सड़ा-गला शव बरामद हुआ है। कर्मचारी बीते 22 अगस्त से न तो दफ्तर जा रहा था और न ही घर से बाहर निकला था। बुधवार को जब बंद कमरे से अचानक असहनीय दुर्गंध आने लगी, तब पड़ोसियों ने पुलिस को सूचना दी। मौके पर पहुंची पुलिस ने दरवाजा तोड़कर शव को बाहर निकाला।

प्रमुख बिंदु (Key Highlights):

मृतक की पहचान: जितेंद्र प्रसाद थपलियाल, लोक निर्माण विभाग (चीफ इंजीनियर गढ़वाल कार्यालय) में चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी।

घटनास्थल: पौड़ी स्थित PWD की विभागीय आवासीय कॉलोनी (अकेले रहते थे जितेंद्र)।

11 दिन से थे नदारद: 22 अगस्त से न कार्यालय गए और न ही किसी ने उन्हें देखा; दरवाजा अंदर से बंद था।

कार्रवाई: पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल भेजा; परिजनों को दी गई सूचना।

11 दिन बाद बदबू फैलने पर खुला कमरा

मिली जानकारी के मुताबिक, लोक निर्माण विभाग के मुख्य अभियंता गढ़वाल कार्यालय में तैनात कर्मचारी जितेंद्र प्रसाद थपलियाल विभागीय कॉलोनी में अकेले रहते थे। बीते 22 अगस्त के बाद से उनका कमरा लगातार बंद था।

बुधवार को आसपास रहने वाले लोगों को आवास से तेज बदबू आने लगी। अनहोनी की आशंका जताते हुए पड़ोसियों ने तुरंत स्थानीय पुलिस को सूचना दी। सूचना मिलते ही कोतवाली पुलिस मौके पर पहुंची और कमरे का दरवाजा तोड़कर अंदर दाखिल हुई। अंदर बिस्तर/कमरे में जितेंद्र प्रसाद का शव पड़ा हुआ था, जो अत्यधिक सड़ चुका था।

लापरवाही की आदत के चलते किसी को नहीं हुआ शक

विभाग के कर्मचारियों के अनुसार, जितेंद्र प्रसाद थपलियाल का अपने कार्य के प्रति लापरवाह रवैया रहता था और वह अक्सर बिना किसी सूचना के कई-कई दिनों तक कार्यालय से नदारद रहते थे।

पूर्व में भी लगातार गैरहाजिरी के कारण विभाग द्वारा उन्हें कई बार चेतावनी नोटिस जारी किए गए थे और वेतन रोकने के आदेश भी दिए जा चुके थे। कर्मचारियों ने बताया कि कभी-कभार शराब पीने और अचानक लंबे समय तक गायब रहने की उनकी पुरानी आदत थी। इसी वजह से 22 अगस्त के बाद जब वे दफ्तर नहीं पहुंचे, तो किसी को भी उन पर कोई अनहोनी का संदेह नहीं हुआ।

पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद खुलेगा मौत का राज

कोतवाल पौड़ी जयपाल सिंह नेगी ने घटना की पुष्टि करते हुए बताया कि सूचना पर पुलिस ने कमरे का ताला/दरवाजा खुलवाकर शव को कब्जे में ले लिया है। शव को पोस्टमार्टम के लिए पौड़ी जिला अस्पताल भेज दिया गया है और मृतक के परिजनों को इस संबंध में सूचित कर दिया गया है।

कोतवाल ने बताया कि मौत किन परिस्थितियों में और किस कारण से हुई है, इसकी सटीक जानकारी पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट हो पाएगी। पुलिस मामले के सभी पहलुओं की गंभीरता से जांच कर रही है।