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टिहरी झील पर टिपरी-मदननेगी रोपवे सेवा ठप: दर्जनों गांवों की लाइफलाइन थमी

2 September 2026
टिहरी झील पर टिपरी-मदननेगी रोपवे सेवा ठप: दर्जनों गांवों की लाइफलाइन थमी

नई टिहरी: टिहरी बांध प्रभावित प्रतापनगर ब्लॉक के ग्रामीणों के लिए आवागमन की सबसे अहम 'लाइफलाइन' मानी जाने वाली टिपरी-मदननेगी रोपवे सेवा 1 सितंबर से पूरी तरह बंद हो गई है। सिडकुल (SIDCUL) के अधीन काम कर रही कार्यदायी कंपनी का अनुबंध समाप्त होने और करीब ₹45 लाख का बकाया भुगतान न होने के कारण कंपनी ने संचालन ठप कर दिया है। रोपवे के बंद होने से रैका, धारमंडल, मदननेगी समेत दर्जनों गांवों के हजारों ग्रामीणों, स्कूली बच्चों और बुजुर्गों के सामने झील पार करने का भारी संकट खड़ा हो गया है।

प्रमुख बिंदु (Key Highlights):

सेवा ठप: 1 सितंबर से टिपरी-मदननेगी रोपवे का संचालन पूरी तरह बंद।

प्रभावित क्षेत्र: प्रतापनगर के रैका, धारमंडल, मदननेगी और आसपास के दर्जनों गांवों की आवाजाही प्रभावित।

वजह: अनुबंध की मियाद खत्म होना और कार्यदायी संस्था का ₹45 लाख का भुगतान बकाया होना।

प्रशासनिक रुख: डीएम नितिका खंडेलवाल ने कहा—नए टेंडर की प्रक्रिया जारी, जल्द सेवा बहाली का प्रयास।

मांग: पर्यटन विभाग या किसी अन्य स्थायी एजेंसी को संचालन सौंपने के लिए सीएम धामी से लगाई गुहार।

2012 से झील पार करने का एकमात्र सुलभ साधन

टिहरी बांध की विशाल झील बनने के बाद प्रतापनगर क्षेत्र के कई गांव मुख्य मार्ग से कट गए थे। ग्रामीणों की कनेक्टिविटी को आसान बनाने के लिए वर्ष 2012 में टिहरी झील के ऊपर टिपरी-मदननेगी रोपवे सेवा शुरू की गई थी। यह रोपवे ग्रामीणों को कम समय और कम खर्च में झील पार करवाकर जिला मुख्यालय और अन्य शहरों से जोड़ता रहा है।

सितंबर 2025 में इसका मूल अनुबंध समाप्त हो गया था। इसके बाद स्थानीय जनता की मांग को देखते हुए डीएम नितिका खंडेलवाल के हस्तक्षेप पर सेवा को पहले मार्च 2026 और फिर 31 अगस्त तक विस्तार (Extension) दिया गया था। लेकिन समय सीमा खत्म होते ही 1 सितंबर से इसके पहिए थम गए।

45 लाख का भुगतान अटका, कंपनी ने खड़े किए हाथ

रोपवे प्रबंधक के अनुसार, कंपनी को पिछले कई महीनों से करीब 45 लाख रुपये का भुगतान नहीं मिला है और न ही प्रशासन या सिडकुल की ओर से आगे के संचालन के लिए औपचारिक अनुबंध किया गया। आर्थिक तंगी और अनुबंध अभाव के कारण कार्यदायी संस्था 'बीएम एंटरप्राइजेज' ने सेवा बंद करने का फैसला लिया।

CM धामी से गुहार: पर्यटन विभाग को सौंपा जाए संचालन

रोपवे बंद होने पर स्थानीय जनता में भारी रोष है। भाजपा के जिला महामंत्री बलवंत सिंह ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से हस्तक्षेप की अपील की है। उन्होंने कहा कि टिपरी-मदननेगी रोपवे क्षेत्रवासियों की दैनिक जरूरतों से जुड़ा हुआ है।

उन्होंने सिडकुल और जिलाधिकारी को पत्र भेजकर मांग की है कि इस रोपवे के नियमित और निर्बाध संचालन के लिए इसे पर्यटन विभाग या किसी सक्षम एजेंसी के सुपुर्द किया जाए, ताकि हर साल अनुबंध खत्म होने पर ग्रामीणों को इस तरह की परेशानी न झेलनी पड़े।

नए टेंडर की तैयारी, जल्द निकलेगा समाधान: डीएम

मामले पर टिहरी की जिलाधिकारी नितिका खंडेलवाल ने कहा कि टिपरी-मदननेगी रोपवे का संचालन सिडकुल द्वारा किया जाता है। ग्रामीणों की सुविधा के लिए 31 अगस्त तक सेवा विस्तारित की गई थी।

डीएम ने बताया, "रोपवे के लिए नए सिरे से टेंडर प्रक्रिया शुरू की जा रही है। शासन और सिडकुल को पत्र भेजकर तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं। प्रशासन का प्रयास है कि जल्द से जल्द नए अनुबंध के साथ रोपवे सेवा को बहाल किया जाए, ताकि ग्रामीणों को दिक्कत न हो।"