उत्तराखंड में भारी बारिश का अलर्ट: अल्मोड़ा में 3 सितंबर को स्कूल, कॉलेज और यूनिवर्सिटी बंद; प्रशासन ने घोषित किया अवकाश

अल्मोड़ा: उत्तराखंड के पर्वतीय और मैदानी जिलों में भारी बारिश का सिलसिला लगातार जारी है। बारिश और भूस्खलन के खतरे को देखते हुए जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ है। इस बीच मौसम विज्ञान केंद्र, देहरादून द्वारा 3 सितंबर को जारी भारी बारिश के अलर्ट को देखते हुए अल्मोड़ा जिला प्रशासन ने बड़ा फैसला लिया है। छात्र-छात्राओं की सुरक्षा के मद्देनजर जिले के सभी सरकारी व गैर-सरकारी स्कूलों, आंगनबाड़ी केंद्रों, कॉलेजों, आईटीआई, पॉलिटेक्निक और शोबन सिंह जीना (एसएसजे) विश्वविद्यालय में 3 सितंबर को अवकाश घोषित कर दिया गया है।
प्रमुख बिंदु (Key Highlights):
- अवकाश की घोषणा: अल्मोड़ा जिले में 3 सितंबर को कक्षा 1 से 12वीं तक के सभी स्कूल और आंगनबाड़ी केंद्र रहेंगे बंद।
- विश्वविद्यालय और तकनीकी संस्थान: शोबन सिंह जीना यूनिवर्सिटी, आईटीआई (ITI) और पॉलिटेक्निक कॉलेजों में भी रहेगी छुट्टी।
- मौसम का अलर्ट: मौसम विभाग ने 3 सितंबर को प्रदेश के 8 जिलों में भारी बारिश की चेतावनी जारी करते हुए येलो अलर्ट जारी किया है।
- प्रशासनिक सतर्कता: भूस्खलन, सड़क बंद होने, बाढ़ और जलभराव के खतरे को देखते हुए आपदा प्रबंधन तंत्र अलर्ट मोड पर।
कौन-कौन से संस्थान रहेंगे बंद?
अल्मोड़ा जिला प्रशासन द्वारा जारी आदेश के अनुसार, छात्र-छात्राओं की सुरक्षा को सर्वोपरि रखते हुए जिले में संचालित:
- सभी शासकीय, अशासकीय एवं निजी (प्राइवेट) विद्यालय (कक्षा 1 से 12वीं तक)
- सभी आंगनबाड़ी एवं मिनी आंगनबाड़ी केंद्र
- शोबन सिंह जीना (SSJ) विश्वविद्यालय परिसर एवं संबद्ध संस्थान
- जिले के समस्त आईटीआई (ITI) और पॉलिटेक्निक कॉलेज
में 3 सितंबर को पूर्ण रूप से शैक्षणिक अवकाश रहेगा। प्रशासन ने सभी संबंधित अधिकारियों व स्कूल प्रबंधनों को इस आदेश का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।
मौसम विभाग की चेतावनी: इन 8 जिलों में भारी बारिश का येलो अलर्ट
मौसम विज्ञान केंद्र देहरादून के अनुसार, 3 सितंबर को उत्तराखंड के कई हिस्सों में गरज-चमक के साथ तीव्र से अति तीव्र दौर की बारिश होने की संभावना है।
मौसम विभाग ने विशेष रूप से देहरादून, टिहरी गढ़वाल, उत्तरकाशी, नैनीताल, चंपावत, उधम सिंह नगर, पिथौरागढ़ और बागेश्वर जिलों में कहीं-कहीं भारी बारिश का येलो अलर्ट जारी किया है। इसके अलावा अन्य पर्वतीय जिलों में आकाशीय बिजली चमकने और अचानक तेज बौछारें पड़ने की चेतावनी दी गई है।
प्रशासन की अपील: संवेदनशील क्षेत्रों में न जाएं
लगातार हो रही बारिश के कारण पर्वतीय मार्गों पर भूस्खलन और मलबा आने से कई रास्ते बाधित हो रहे हैं, जबकि मैदानी क्षेत्रों में नदियां और बरसाती गदेरे उफान पर हैं। प्रशासन ने स्थानीय निवासियों और यात्रियों से अपील की है कि वे बेहद जरूरी होने पर ही यात्रा करें तथा उफनती नदियों, नालों और भूस्खलन संभावित क्षेत्रों से पूरी तरह दूर रहें।
