हल्द्वानी: राहुल गांधी पर दर्ज मुकदमे और दलित उत्पीड़न के खिलाफ कांग्रेस का 'सत्याग्रह', चरखा चलाकर जताया विरोध

- हल्द्वानी के बुद्ध पार्क में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने शुरू किया सत्याग्रह आंदोलन।
- राहुल गांधी पर दर्ज मुकदमा वापस लेने और कथित दलित उत्पीड़न के खिलाफ खोला मोर्चा।
- राजीव गांधी पंचायती राज कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. सुनील पंवार भी सत्याग्रह में हुए शामिल।
- रामलीला मैदान के कथित शुद्धिकरण मामले में मुकदमा दर्ज करने की मांग, दी बड़े आंदोलन की चेतावनी।
हल्द्वानी: राहुल गांधी के खिलाफ दर्ज मुकदमे और दलितों के कथित उत्पीड़न के विरोध में कांग्रेस ने उत्तराखंड के हल्द्वानी में सत्याग्रह आंदोलन का बिगुल फूंक दिया है. गुरुवार को हल्द्वानी के बुद्ध पार्क में जुटे कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं ने भाजपा सरकार और पुलिस प्रशासन के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन किया. इस सत्याग्रह में राजीव गांधी पंचायती राज कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. सुनील पंवार भी विशेष रूप से शामिल हुए.
चरखा चलाकर दिया शांति और अहिंसा का संदेश
सत्याग्रह के दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने गांधीवादी रास्ते पर चलते हुए चरखा चलाकर शांतिपूर्ण विरोध दर्ज कराया. कार्यकर्ताओं ने आरोप लगाया कि केंद्र और राज्य की भाजपा सरकार लोकतांत्रिक मूल्यों को कुचलने का काम कर रही है.
कांग्रेस नेताओं ने कहा कि एक जीवंत लोकतंत्र में जनता और विपक्ष को अपनी बात बेबाकी से रखने का पूरा संवैधानिक अधिकार है. ऐसे में सामाजिक और राजनीतिक मुद्दों को लेकर जनता की आवाज उठाने वाले विपक्षी नेताओं के खिलाफ मुकदमे दर्ज करना लोकतंत्र की मूल भावना के खिलाफ है.
रामलीला मैदान के 'शुद्धिकरण' मामले पर पुलिस को घेरा
सत्याग्रह के दौरान कांग्रेस ने राहुल गांधी पर दर्ज मुकदमे को तुरंत और बिना शर्त वापस लेने की मांग की. इसके साथ ही नेताओं ने हल्द्वानी के रामलीला मैदान में हुए कथित शुद्धिकरण के मामले को लेकर सरकार और पुलिस प्रशासन पर पक्षपातपूर्ण रवैये का आरोप लगाया.
कांग्रेस नेताओं का कहना था कि रामलीला मैदान का कथित शुद्धिकरण करने वालों के खिलाफ पुलिस निष्पक्ष कार्रवाई करने से बच रही है. उन्होंने प्रशासन से मांग की कि सामाजिक सौहार्द बिगाड़ने वाले आरोपियों के खिलाफ तत्काल प्रभाव से मुकदमा दर्ज किया जाए.
'मांगें पूरी होने तक जारी रहेगा आंदोलन'
प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने केंद्र और राज्य सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की. पार्टी नेताओं ने दो टूक चेतावनी देते हुए कहा कि कांग्रेस अपनी यह लड़ाई पूरी तरह लोकतांत्रिक और शांतिपूर्ण तरीके से जारी रखेगी. उन्होंने कहा कि जब तक राहुल गांधी पर दर्ज राजनीतिक मुकदमे वापस नहीं होते और शुद्धिकरण मामले में दोषियों पर ठोस कार्रवाई नहीं की जाती, तब तक यह सत्याग्रह और तेज किया जाएगा.
