Duleep Trophy 2026: ईस्ट जोन ने डिफेंडिंग चैंपियन सेंट्रल जोन को 4 विकेट से हराया, 13 साल बाद खिताबी मुकाबले में बनाई जगह

मुख्य बिंदु:
- बेंगलुरु के सेंटर ऑफ एक्सीलेंस ग्राउंड में तीसरे ही दिन 4 विकेट से जीता ईस्ट जोन; 13 साल बाद खिताबी मुकाबले में बनाई जगह।
- 15 वर्षीय उप-कप्तान वैभव सूर्यवंशी की धमाकेदार बल्लेबाजी (92 व 40 रन); बने दलीप ट्रॉफी में सबसे कम उम्र में अर्धशतक जड़ने वाले बल्लेबाज।
- मुकेश कुमार और मोहम्मद शमी की घातक गेंदबाजी के आगे पस्त हुए सेंट्रल जोन के धुरंधर; मुकेश बने 'प्लेयर ऑफ द मैच'।
- शमी ने विजयी चौका जड़कर दिलाई जीत; फाइनल में नॉर्थ जोन या साउथ जोन के विजेता से होगी खिताबी भिड़ंत।
बेंगलुरु (स्पोर्ट्स डेस्क)।
ईशान किशन की कप्तानी और 15 वर्षीय युवा सनसनी वैभव सूर्यवंशी की उप-कप्तानी में ईस्ट जोन ने दलीप ट्रॉफी में नया इतिहास रच दिया है। बेंगलुरु के सेंटर ऑफ एक्सीलेंस ग्राउंड पर खेले गए पहले सेमीफाइनल मुकाबले के तीसरे ही दिन ईस्ट जोन ने डिफेंडिंग चैंपियन सेंट्रल जोन को 4 विकेट से करारी शिकस्त देकर 13 साल बाद टूर्नामेंट के फाइनल में धमाकेदार प्रवेश किया।
रजत पाटीदार की कप्तानी वाली सितारों से सजी सेंट्रल जोन की टीम खिताब बचाने के इरादे से उतरी थी, लेकिन ईस्ट जोन के गेंदबाजों और बल्लेबाजों के संयुक्त प्रदर्शन के आगे वह चारों खाने चित हो गई।
मैच का रोमांच: दोनों पारियों का लेखा-जोखा
पहली पारी में बराबरी: मुकाबले की पहली पारी में दोनों ही टीमों ने कड़े संघर्ष के बाद समान रूप से 266-266 रन बनाए।
सेंट्रल जोन की दूसरी पारी का पतन: दूसरी पारी में ईस्ट जोन के तेज गेंदबाजों ने कहर बरपाया और सेंट्रल जोन की पूरी टीम को महज 158 रनों पर समेट दिया।
आसान हुआ 159 का लक्ष्य: ईस्ट जोन को फाइनल का टिकट पाने के लिए 159 रनों का लक्ष्य मिला, जिसे टीम ने 6 विकेट खोकर हासिल कर लिया। सीनियर तेज गेंदबाज मोहम्मद शमी ने शानदार चौका जड़कर अपनी टीम को फाइनल में पहुंचाया।
15 साल के वैभव सूर्यवंशी का ऐतिहासिक धमाका
ईस्ट जोन के युवा उप-कप्तान 15 वर्षीय वैभव सूर्यवंशी इस मैच के सबसे बड़े आकर्षण रहे। उन्होंने पहली पारी में ताबड़तोड़ 92 रन और दूसरी पारी में निर्णायक 40 रन बनाए।
तोड़ा बड़ा रिकॉर्ड: महज 15 साल और 157 दिन की उम्र में अर्धशतक लगाकर वैभव दलीप ट्रॉफी के इतिहास में फिफ्टी जड़ने वाले सबसे युवा बल्लेबाज बन गए हैं।
पहली पारी में वह महज 8 रनों से अपना शतक चूक गए, वरना वे महान बल्लेबाज सचिन तेंदुलकर का सबसे कम उम्र में दलीप ट्रॉफी शतक लगाने का ऐतिहासिक रिकॉर्ड भी तोड़ देते।
शमी और मुकेश की तूफानी गेंदबाजी के आगे ढही सेंट्रल जोन
ईस्ट जोन की इस ऐतिहासिक जीत की पटकथा तेज गेंदबाजों ने लिखी:
मुकेश कुमार (प्लेयर ऑफ द मैच): पहली पारी में 3 और दूसरी पारी में 4 विकेट झटकते हुए मैच में कुल 7 विकेट चटकाए।
मोहम्मद शमी: पहली पारी में 2 और दूसरी पारी में 3 विकेट (कुल 5 विकेट) लिए और बल्ले से विजयी चौका लगाया।
दोनों अनुभवी तेज गेंदबाजों की धारदार गेंदों का सेंट्रल जोन के किसी भी बल्लेबाज के पास कोई जवाब नहीं था।
13 साल के लंबे इंतजार के बाद खिताबी मुकाबले में पहुंची ईस्ट जोन का सामना अब दूसरे सेमीफाइनल (नॉर्थ जोन बनाम साउथ जोन) की विजेता टीम से होगा। ईशान किशन की युवा और आक्रामक टीम अब खिताब पर कब्जा जमाने के इरादे से मैदान में उतरेगी।
