Duleep Trophy: वैभव सूर्यवंशी ने 92 रनों की पारी से रचा इतिहास, बने सबसे युवा अर्धशतकवीर

नई दिल्ली / स्पोर्ट्स डेस्क:
बिहार के 15 वर्षीय युवा सनसनी वैभव सूर्यवंशी ने लाल गेंद के क्रिकेट में एक बार फिर अपनी आक्रामक बल्लेबाजी का लोहा मनवाया है। दलीप ट्रॉफी सेमीफाइनल के दूसरे दिन पूर्व क्षेत्र (East Zone) की ओर से खेलते हुए वैभव ने मध्य क्षेत्र (Central Zone) के गेंदबाजों की धज्जियां उड़ाते हुए महज 81 गेंदों पर 92 रनों की विस्फोटक पारी खेली। इस तूफानी पारी के साथ ही वह दलीप ट्रॉफी के इतिहास में अर्धशतक जड़ने वाले सबसे कम उम्र के बल्लेबाज बन गए हैं।
हालांकि, वैभव अपने पहले फर्स्ट-क्लास शतक से सिर्फ 8 रन दूर रह गए, जिससे भारत के महान बल्लेबाज सचिन तेंदुलकर का एक बड़ा रिकॉर्ड टूटने से बाल-बाल बच गया।
तोड़ा 1969 का 56 साल पुराना रिकॉर्ड
वैभव सूर्यवंशी ने 15 साल की उम्र में दलीप ट्रॉफी में फिफ्टी जड़कर इतिहास रच दिया। उन्होंने लक्ष्मण सिंह का रिकॉर्ड तोड़ा, जिन्होंने 1969 में 16 वर्ष की उम्र में दलीप ट्रॉफी में अर्धशतक लगाया था।
81 गेंदों में 92 रन: गेंदबाजों पर जमकर बोला धावा
118 मिनट की अपनी पारी में वैभव शुरुआत में थोड़े असहज दिखे और 40 रन के स्कोर पर उन्हें जीवनदान भी मिला, जब सारांश जैन की गेंद पर यश राठौड़ ने बैकवर्ड प्वाइंट पर उनका कैच छोड़ दिया।
इसके बाद वैभव ने पलटवार करते हुए मध्य क्षेत्र के गेंदबाजों पर चौकों-छक्कों की बारिश कर दी:
तेज गेंदबाज यश ठाकुर के एक ही स्पेल में उन्होंने मिडविकेट के ऊपर से शानदार छक्का और चार चौके जड़े।
ऑफ स्पिनर सारांश जैन की गेंद पर मिडविकेट के ऊपर से छक्का मारकर उन्होंने फर्स्ट-क्लास करियर का दूसरा अर्धशतक पूरा किया।
इसके बाद हर्ष दुबे और आर्यन पांडे की गेंदों पर भी उन्होंने गगनचुंबी छक्के जड़े और स्कोर 90 के पार पहुंचाया।
शतक से चूके: जब वैभव 92 रन पर थे, तब हर्ष दुबे की गेंद पर स्लॉग-स्वीप लगाने के प्रयास में वह डीप मिडविकेट पर अरशद खान को कैच थमा बैठे। आउट होने के बाद उनके चेहरे पर शतक गंवाने की निराशा साफ देखी जा सकती थी।
सचिन तेंदुलकर का रिकॉर्ड टूटने से बचा
अगर वैभव यह 8 रन बना लेते, तो वह भारत के सबसे कम उम्र में फर्स्ट-क्लास शतक लगाने वाले बल्लेबाजों की सूची में क्रिकेट के भगवान सचिन तेंदुलकर को पीछे छोड़ देते।
सचिन तेंदुलकर ने 1988 में 15 साल और 230 दिन की उम्र में रणजी ट्रॉफी में अपना पहला फर्स्ट-क्लास शतक जड़ा था।
(नोट: भारत में सबसे कम उम्र में FC शतक लगाने का ऑल-टाइम रिकॉर्ड ध्रुव पांडोवे के नाम है, जिन्होंने 1988 में 14 साल और 293 दिन की उम्र में शतक बनाया था।)
मैच का हाल: पहली पारी में दोनों टीमों का स्कोर बराबर
वैभव की शानदार पारी के बावजूद पूर्व क्षेत्र की टीम पहली पारी में बढ़त हासिल नहीं कर सकी। पूर्व क्षेत्र की पूरी टीम 266 रन पर ऑलआउट हो गई, जो मध्य क्षेत्र के पहली पारी के स्कोर (266 रन) के बिल्कुल बराबर था।
मध्य क्षेत्र की गेंदबाजी: बाएं हाथ के स्पिनर हर्ष दुबे ने 66 रन देकर 4 विकेट लिए, जबकि यश ठाकुर (3/66) और आर्यन पांडे (3/43) ने तीन-तीन विकेट चटकाए।
दूसरे दिन का खेल खत्म होने तक: मध्य क्षेत्र ने अपनी दूसरी पारी में 3 विकेट खोकर 45 रन बना लिए हैं। स्टंप्स से ठीक पहले तेज गेंदबाज मुकेश कुमार ने मध्य क्षेत्र के कप्तान रजत पाटीदार को आउट कर अपनी टीम को बड़ी सफलता दिलाई। दिन का खेल खत्म होने पर अमन मोखाड़े (23*) और आर्यन पांडे (04*) क्रीज पर डटे हुए हैं।
