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पश्चिम बंगाल में महाअष्टमी पर शराब की बिक्री पर पूर्ण प्रतिबंध, दुर्गा पूजा को लेकर सरकार ने जारी किए नए निर्देश

7 September 2026
पश्चिम बंगाल में महाअष्टमी पर शराब की बिक्री पर पूर्ण प्रतिबंध, दुर्गा पूजा को लेकर सरकार ने जारी किए नए निर्देश

West Bengal Durga Puja 2026: पश्चिम बंगाल में इस बार दुर्गा पूजा के दौरान महाअष्टमी के दिन शराब की बिक्री पर पूरी तरह प्रतिबंध रहेगा। मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने घोषणा की है कि अष्टमी के दिन राज्य की सभी शराब की दुकानें और बार बंद रहेंगे। सरकार ने यह फैसला महाअष्टमी के धार्मिक महत्व को देखते हुए लिया है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि अष्टमी के दिन जब श्रद्धालु मां दुर्गा को पुष्पांजलि अर्पित करते हैं, उस दिन राज्य में शराब की बिक्री की अनुमति नहीं दी जाएगी। इसके चलते महाअष्टमी पर शराब का कारोबार पूरी तरह बंद रहेगा।

पूजा समितियों को मिलेगा एक लाख रुपये का अनुदान

आगामी दुर्गा पूजा को लेकर राज्य सरकार ने पूजा समितियों के लिए कई घोषणाएं की हैं। पूजा समितियों को एक लाख रुपये का अनुदान देने के साथ-साथ मुफ्त बिजली और अनिवार्य फायर सेफ्टी लाइसेंस के शुल्क में छूट देने का ऐलान किया गया है।

हालांकि, मुख्यमंत्री ने बड़े बजट वाली और आर्थिक रूप से सक्षम पूजा समितियों से सरकारी सहायता नहीं लेने की अपील की। उन्होंने कहा कि सरकारी अनुदान उन समितियों के लिए है, जिन्हें इसके बिना पूजा का आयोजन करने में कठिनाई होती है।

मूर्ति विसर्जन में DJ पर रोक

दुर्गा पूजा के दौरान मूर्ति विसर्जन जुलूसों में DJ बजाने पर पूरी तरह रोक रहेगी। मुख्यमंत्री ने पूजा समितियों से अपील की कि वे धार्मिक और सांस्कृतिक परंपराओं का सम्मान करते हुए मूर्तियों, पंडालों और थीम में ऐसा कुछ न करें, जिससे किसी की धार्मिक भावनाएं आहत हों।

उन्होंने आयोजकों से पूजा की पवित्रता बनाए रखने और विसर्जन जुलूसों को शांतिपूर्ण तरीके से आयोजित करने का भी आग्रह किया। साथ ही पूजा समितियों से लक्ष्मी पूजा से एक दिन पहले तक मूर्ति विसर्जन पूरा करने की अपील की गई है।

इस साल नहीं होगा दुर्गा पूजा कार्निवल

दुर्गा पूजा के बाद कोलकाता के रेड रोड पर होने वाला प्रसिद्ध दुर्गा पूजा कार्निवल इस साल आयोजित नहीं किया जाएगा। इस आयोजन में शहर की प्रमुख पूजा समितियां विसर्जन से पहले अपनी प्रतिमाओं का प्रदर्शन करती थीं।

पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के कार्यकाल में शुरू हुई इस परंपरा को इस वर्ष समाप्त करने का फैसला दुर्गा पूजा समारोह में बड़ा बदलाव माना जा रहा है।