एंडीज का 'भूगर्भीय पॉम्पेई': ज्वालामुखी की राख में 2.2 करोड़ साल से दफन है पूरा भू-दृश्य, बिना खोदे वैज्ञानिकों ने पढ़ लिया इतिहास

लंदन: दक्षिण अमेरिका की एंडीज पर्वतमाला के नीचे एक पूरा भू-दृश्य पिछले करीब 2.2 करोड़ वर्षों से ज्वालामुखीय चट्टान के नीचे दबा हुआ है। यूनिवर्सिटी कॉलेज लंदन (यूसीएल) के नेतृत्व में हुए एक नए अध्ययन में वैज्ञानिकों ने बिना खुदाई किए ही यह पता लगा लिया है कि वह दबा हुआ इलाका कैसा दिखता था। शोधकर्ताओं ने इसे 'भूगर्भीय पॉम्पेई' कहा है।
सैंटियागो से छह गुना बड़े इलाके पर बिछ गई थी चट्टान
अध्ययन उत्तरी चिली की लौका काल्डेरा से 2.19 करोड़ वर्ष पहले निकले इग्निम्ब्राइट पर केंद्रित है। यह विस्फोट इतना विशाल था कि इसकी सामग्री ने सैंटियागो शहर से करीब छह गुना बड़े क्षेत्र को ढक लिया, जो ग्रेटर लंदन से भी तीन गुना बड़ा है। कहीं-कहीं यह परत एक किलोमीटर तक गहरी है।
चूंकि इस चट्टान ने सतह को पूरी तरह सील कर दिया, इसलिए वे बारीक विशेषताएं भी वहीं जमी रह गईं जिन्हें सामान्य रूप से कटाव मिटा देता।
खुदाई नहीं, सैकड़ों सिमुलेशन
इतनी मोटी चट्टान के नीचे खुदाई संभव नहीं थी। इसलिए टीम ने नदियों द्वारा भू-दृश्य को आकार देने वाले लैंडस्केप-इवोल्यूशन मॉडल का सहारा लिया और संभावित दबे हुए भू-भागों के सैकड़ों सिमुलेशन चलाए। इसके बाद देखा गया कि कौन-सा परिदृश्य आज मौजूद भूगर्भीय साक्ष्यों से मेल खाता है।
नतीजा यह निकला कि सिर्फ कोमल ढलानों वाला, तराई जैसा कम-उभार वाला भू-दृश्य ही आंकड़ों पर खरा उतरता है। इससे यह भी तय हुआ कि उस दौर में चट्टानों का उत्थान प्रति दस लाख वर्ष में 0.26 किलोमीटर से ज्यादा नहीं रहा होगा, यानी करीब ढाई सेंटीमीटर प्रति शताब्दी।
धीरे-धीरे बढ़े एंडीज, अचानक नहीं
यह निष्कर्ष पिछले पांच करोड़ वर्षों के खनिजों के तापीय इतिहास पर हुए पुराने अध्ययनों से भी मेल खाता है। हिमालय की तुलना में यह गति बहुत धीमी है, जहां उत्थान हर साल मिलीमीटर से सेंटीमीटर के पैमाने पर मापा जाता है।
इससे इस विचार को मजबूती मिलती है कि एंडीज पिछले 40 से 50 लाख दशकों में, यानी करीब चार से पांच करोड़ वर्षों की लंबी अवधि में लगातार और धीरे-धीरे बढ़े, न कि पिछले 60 से 100 लाख वर्षों में किसी अचानक उछाल से।
'पॉम्पेई जैसा, लेकिन कहीं बड़े पैमाने पर'
अध्ययन के मुख्य लेखक और यूसीएल अर्थ साइंसेज के डॉ. बायरन एडम्स ने कहा, "यह भू-दृश्य एक विशाल ज्वालामुखी विस्फोट से दब गया था, कुछ-कुछ पॉम्पेई की तरह, लेकिन कहीं बड़े पैमाने पर।" उन्होंने यह भी जोड़ा कि "हम दबे हुए भू-दृश्य को देखने के लिए खुदाई नहीं कर सकते।"
सह-लेखिका डॉ. फ्रांसेस कूपर ने कहा कि एंडीज का क्षेत्रीय और वैश्विक जलवायु पर बड़ा प्रभाव है, इसलिए उनके इतिहास का पुनर्निर्माण महत्वपूर्ण है। उनके मुताबिक यह तरीका दुनिया में कहीं और मौजूद ज्वालामुखीय निक्षेपों पर भी लागू किया जा सकता है। यह अध्ययन 'साइंस एडवांसेज' पत्रिका में प्रकाशित हुआ है।
