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श्री नंदा राजराजेश्वरी बड़ी जात यात्रा: सिद्धपीठ कुरुड़ से निकलीं तीनों देव डोलियां तीसरे पड़ाव पर पहुंचीं; चौसिंगा खाड़ू बने विशेष आकर्षण का केंद्र

8 September 2026
श्री नंदा राजराजेश्वरी बड़ी जात यात्रा: सिद्धपीठ कुरुड़ से निकलीं तीनों देव डोलियां तीसरे पड़ाव पर पहुंचीं; चौसिंगा खाड़ू बने विशेष आकर्षण का केंद्र

  • गांव-गांव भव्य स्वागत: नंदाधाम से कैलाश की ओर बढ़ रही डोलियों को भक्तों ने अर्पित किए पवाड़े और भेंट, मांगी मनौतियां।
  • दशोली की डोली ने तय किया 20 किमी सफर: साथ चल रहे दो चौसिंगा खाड़ुओं का जगह-जगह पूजन, मंगलवार को चौथे पड़ाव की ओर बढ़ेंगी डोलियां।
  • देशभर से जुट रहे श्रद्धालु: आयोजन समिति बोली— डोलियों के दर्शन के लिए दूसरे राज्यों से भी लगातार आ रहे श्रद्धालुओं के फोन।

चमोली: चमोली जिले के प्रसिद्ध सिद्धपीठ कुरुड़ मंदिर से कैलाश धाम के लिए रवाना हुई मां नंदा राजराजेश्वरी बड़ी जात यात्रा की तीनों पवित्र देव डोलियां अपने-अपने तीसरे पड़ाव पर पहुंच गई हैं। यात्रा मार्ग में पड़ने वाले हर गांव और कस्बे में स्थानीय ग्रामीणों व श्रद्धालुओं ने ढोल-दमाऊं की थाप पर पुष्पवर्षा कर डोलियों का भावुक और भव्य स्वागत किया। भक्तों ने मां नंदा को पारंपरिक पवाड़ा और भेंट अर्पित कर परिवार की सुख-समृद्धि की मनौती मांगी। इस दौरान डोलियों की अगुवाई कर रहे चौसिंगा खाड़ू (चार सींगों वाले भेड़) श्रद्धालुओं के बीच विशेष आकर्षण का केंद्र बने हुए हैं।

बधाण की डोली: 8 किमी का सफर तय कर भेटी गांव पहुंची

नंदाधाम कुरुड़ से रवाना हुई बधाण क्षेत्र की नंदा देवी उत्सव डोली सोमवार को एकादशी के पावन पर्व पर उस्तोली से रवाना हुई। सरपाणी और लाखी होते हुए करीब 8 किलोमीटर की पैदल दूरी तय कर डोली देर शाम अपने तीसरे पड़ाव भेटी गांव पहुंची। यहां द्वारी माता की विशेष अर्चना के साथ देवी पूजन शुरू हुआ।

मंदिर समिति अध्यक्ष नरेश गौड़, पूर्व अध्यक्ष मंसाराम गौड़, पुजारी राजेश गौड़, कन्हैया प्रसाद गौड़, बची राम गौड़ व योगेश्वर प्रसाद गौड़ ने भक्तों की विशेष पूजाएं संपन्न कराईं।

आगे का कार्यक्रम: मंगलवार को यह डोली भेटी से रवाना होकर स्यारी और बंगाली होते हुए करीब 15 किमी पैदल चलकर थराली ब्लॉक के सोल डुंग्री गांव पहुंचेगी।

दशोली की डोली: 20 किमी की कठिन चढ़ाई पार कर कांडई पहुंची

दशोली की देव डोली ने सोमवार को सबसे लंबा और चुनौतीपूर्ण रास्ता तय किया। डोली अपने दूसरे पड़ाव लुणतरा से प्रस्थान कर काण्डा, खुनाणा, लामसोड़ा, माणखी, चोपड़ाकोट और घारी होते हुए करीब 20 किलोमीटर का दुर्गम सफर तय कर तीसरे पड़ाव कांडई गांव पहुंची।

दो चौसिंगा खाड़ू बने आकर्षण: इस डोली के साथ चल रहे दो चौसिंगा खाड़ुओं के दर्शन के लिए ग्रामीणों की भारी भीड़ उमड़ रही है। कैलाश की ओर जा रहे इन खाड़ुओं की भक्त रास्तेभर पूजा-अर्चना कर चढ़ावा चढ़ा रहे हैं।

आगे का कार्यक्रम: मंगलवार को दशोली की डोली कांडई से खलतरा, मोठा और चाका होते हुए 15 किमी की दूरी तय कर सेमा गांव पहुंचेगी।

बंड की डोली: बटुला से दिगोली पहुंची, आज नोरख गांव में विश्राम

कुरुड़ मंदिर से निकली तीसरी देव डोली (बंड की डोली) अपने दूसरे पड़ाव बटुला से आगे बढ़ी। शेकोट और ल्वांह गांवों से गुजरते हुए करीब 6 किलोमीटर की पैदल यात्रा पूरी कर डोली तीसरे पड़ाव दिगोली गांव स्थित नंदा देवी मंदिर में पहुंची। डोली के पहुंचते ही पूरा मंदिर परिसर मां नंदा के जयकारों से गूंज उठा।

आगे का कार्यक्रम: मंगलवार को बंड की डोली दिगोली से ल्वाह, क्योठा, गडोरा, मल्ला और अक्थला होते हुए चौथे पड़ाव नोरख गांव पहुंचेगी, जहां रात्रि देवी पूजन होगा।

'देशभर से आ रहे भक्तों के फोन, बढ़ेगी भीड़'

"सिद्धपीठ कुरुड़ से कैलाश की ओर बढ़ रहीं तीनों देव डोलियों का गांव-गांव में अभूतपूर्व स्वागत हो रहा है। बड़ी जात को लेकर श्रद्धालुओं में गजब का उत्साह है। देश के विभिन्न हिस्सों से भक्त यात्रा मार्ग और दर्शन के समय की जानकारी लेने के लिए लगातार संपर्क कर रहे हैं। आने वाले पड़ावों में श्रद्धालुओं की संख्या में और बड़ा इजाफा देखने को मिलेगा।"
— कर्नल हरेंद्र सिंह रावत, अध्यक्ष, श्री नंदादेवी राजराजेश्वरी बड़ी जात आयोजन समिति