Petrol Diesel Price: ट्रंप का बड़ा दावा- ईरान युद्ध खत्म होते ही सस्ता होगा तेल, क्या घटेंगे पेट्रोल-डीजल के दाम?

नई दिल्ली: ईरान के साथ जारी तनाव और युद्ध के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कच्चे तेल की कीमतों को लेकर बड़ा दावा किया है. ट्रंप ने कहा है कि ईरान के साथ युद्ध में जीत के बाद तेल की कीमतें तेजी से नीचे आएंगी. उन्होंने दावा किया कि क्रूड ऑयल की कीमत 3 डॉलर प्रति गैलन तक आ सकती है और बाद में यह 2 डॉलर प्रति गैलन से भी नीचे जा सकती है.
अगर कच्चे तेल की कीमतों में इतनी बड़ी गिरावट आती है, तो इसका असर दुनियाभर के ईंधन बाजार पर पड़ सकता है. ऐसे में भारत में भी पेट्रोल और डीजल की कीमतों में कमी की उम्मीद बढ़ सकती है. हालांकि, क्रूड सस्ता होने का मतलब यह नहीं है कि पेट्रोल-डीजल के दाम भी उसी अनुपात में कम होंगे.
डोनाल्ड ट्रंप ने मंगलवार (8 सितंबर) को कहा कि ईरान के साथ युद्ध जीतने के बाद तेल की कीमतें तेजी से गिरेंगी. उन्होंने कहा कि कीमत पहले 3 डॉलर प्रति गैलन तक आएगी और फिर 2 डॉलर प्रति गैलन से भी नीचे जा सकती है.
ट्रंप ने यह भी कहा कि यह बदलाव तेजी से होगा और ईरान को परमाणु हथियार हासिल करने की अनुमति नहीं दी जाएगी.
मंगलवार को अमेरिका में होलसेल RBOB गैसोलीन की कीमत करीब 3.22 डॉलर प्रति गैलन और होलसेल हीटिंग ऑयल की कीमत करीब 4.67 डॉलर प्रति गैलन बताई गई.
ट्रंप के 2 डॉलर प्रति गैलन के दावे को मौजूदा कीमतों से जोड़कर देखें तो तेल की कीमत में बड़ी गिरावट हो सकती है. लेकिन इसका सीधा मतलब यह नहीं है कि भारत में पेट्रोल और डीजल की कीमतें भी 50 फीसदी तक घट जाएंगी.
पेट्रोल-डीजल की खुदरा कीमत में सिर्फ कच्चे तेल की कीमत शामिल नहीं होती. इसमें रिफाइनिंग लागत, परिवहन खर्च, डीलर मार्जिन, केंद्र और राज्य सरकारों के टैक्स समेत कई अन्य घटक शामिल होते हैं. इसलिए क्रूड ऑयल में गिरावट का असर ईंधन की कीमत पर पड़ता है, लेकिन दोनों की कीमतें समान अनुपात में नहीं घटतीं.
ईरान के साथ तनाव के बीच होर्मुज स्ट्रेट भी चर्चा के केंद्र में है. यह समुद्री मार्ग वैश्विक तेल आपूर्ति के लिए बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है.
ट्रंप लगातार दावा करते रहे हैं कि होर्मुज स्ट्रेट पर अमेरिका का नियंत्रण है. उन्होंने हाल ही में इसका नाम बदलकर ‘ट्रंप स्ट्रेट’ करने का सुझाव भी दिया था.
अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) के मुताबिक, ईरान के खिलाफ अमेरिकी प्रतिबंधों को लागू करने के दौरान 7 सितंबर तक अमेरिकी सेनाओं ने 94 कमर्शियल जहाजों का रास्ता बदला.
CENTCOM ने दावा किया कि इस कार्रवाई के दौरान तीन जहाज क्षतिग्रस्त हुए और दो पर कब्जा किया गया. अमेरिकी कमांड के अनुसार, अरब सागर में USS जॉर्ज एच.डब्ल्यू. बुश भी इन कार्रवाइयों में मदद कर रहा था.
भारत में पेट्रोल-डीजल पर क्या होगा असर?
अगर वैश्विक स्तर पर कच्चे तेल की कीमतों में लंबे समय तक बड़ी गिरावट आती है, तो भारत के लिए आयात लागत कम हो सकती है. इससे पेट्रोल-डीजल की कीमतों में राहत की गुंजाइश बन सकती है. हालांकि, अंतिम कीमत कई घरेलू और अंतरराष्ट्रीय कारकों पर निर्भर करेगी, इसलिए अभी यह कहना जल्दबाजी होगी कि भारत में पेट्रोल-डीजल कितने रुपये सस्ता होगा.
