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FSSAI का बड़ा एक्शन: 'एवरेस्ट' और 'लालजी गोधू' की हींग की बिक्री पर लगाई रोक

29 August 2026
FSSAI का बड़ा एक्शन: 'एवरेस्ट' और 'लालजी गोधू' की हींग की बिक्री पर लगाई रोक

नई दिल्ली | भारतीय खाद्य सुरक्षा और मानक प्राधिकरण (FSSAI) ने देश के दो सबसे बड़े और प्रतिष्ठित मसाला ब्रांड्स—'एवरेस्ट' (Everest) और 'लालजी गोधू' (Laljee Godhoo) के कम्पाउंडेड हींग (Compounded Asafoetida) की बिक्री पर तत्काल प्रभाव से रोक लगा दी है। सरकारी लैब में हुई जांच में इन दोनों कंपनियों के हींग के सैंपल तय सुरक्षा और गुणवत्ता मानकों पर पूरी तरह फेल पाए गए।

जांच रिपोर्ट में यह चौंकाने वाला खुलासा हुआ है कि इन ब्रांड्स के कम्पाउंडेड हींग में असली हींग की मात्रा सरकारी नियमों के मुकाबले 30 से 40 प्रतिशत तक कम थी।

मामले की शुरुआत एक उपभोक्ता की औपचारिक शिकायत से हुई थी, जिसमें हींग की गुणवत्ता और शुद्धता पर संदेह जताया गया था। शिकायत को गंभीरता से लेते हुए एफएसएसएआई ने बाजार में बिक रहे प्रमुख ब्रांड्स के सैंपल इकट्ठा करवाकर लैब जांच के लिए भेजे।

शुरुआती जांच में गुणवत्ता कम पाए जाने के बाद खाद्य सुरक्षा अधिकारियों ने कड़ा रुख अपनाया:

मुंबई स्थित दोनों कंपनियों की सेंट्रल लाइसेंस प्राप्त मैन्युफैक्चरिंग यूनिट्स पर छापेमारी कर आधिकारिक सैंपल लिए गए।

गुजरात के उम्बरगांव (Umbergaon) स्थित एवरेस्ट की एक अन्य फैक्ट्री से भी गुजरात खाद्य एवं औषधि नियंत्रण विभाग के साथ मिलकर संयुक्त रूप से सैंपल भरे गए।

उच्च स्तरीय लैब जांच में इन सभी सैंपल्स को तय मानकों से बेहद घटिया स्तर का पाया गया।

जांच में क्या गड़बड़ी सामने आई?

1. कम्पाउंडेड हींग में हींग का सत्त नाममात्र:

नियम: खाद्य सुरक्षा नियमों के तहत कम्पाउंडेड हींग में कम से कम 5 प्रतिशत अल्कोहल सॉल्युबल एक्सट्रैक्ट (हींग का शुद्ध सत्त) होना अनिवार्य है।

जांच का नतीजा: एवरेस्ट और लालजी गोधू के प्रोडक्ट्स में यह मात्रा महज 0 से 3 प्रतिशत के बीच ही पाई गई। यानी उपभोक्ताओं को बेचे जा रहे डिब्बों में मुख्य सामग्री (हींग) की भारी कमी थी।

2. लालजी गोधू में स्टार्च की भारी मात्रा:

जांच के दौरान अधिकारियों ने लालजी गोधू की यूनिट से 'असली हींग' (Raw Hing) की 6 अलग-अलग किस्मों के सैंपल भी लिए थे:

नियम: मानक के अनुसार शुद्ध हींग में स्टार्च की मात्रा 1 प्रतिशत से अधिक नहीं होनी चाहिए।

जांच का नतीजा: लैब रिपोर्ट में इन किस्मों में स्टार्च की मात्रा 15 प्रतिशत से लेकर 32 प्रतिशत तक पाई गई। यानी तय सीमा से 15 से 32 गुना ज्यादा स्टार्च मिलाया गया था।

समझिए क्या होता है 'कम्पाउंडेड हींग'?

शुद्ध हींग (Asafoetida) पेड़ों से निकलने वाला एक बहुत कड़ा और तेज गंध वाला गोंद (Resin) होता है। इसे सीधे खाना पकाने में इस्तेमाल करना मुश्किल होता है। इसलिए, कंपनियां इसमें खाने योग्य गोंद (Gum Arabic), स्टार्च और गेहूं/चावल का आटा मिलाकर 'कम्पाउंडेड हींग' तैयार करती हैं ताकि इसे आसानी से पाउडर या दाने के रूप में इस्तेमाल किया जा सके। लेकिन इन कंपनियों ने हींग की मात्रा घटाकर स्टार्च और अन्य चीजें जरूरत से ज्यादा मिला दीं।