नया चावल या पुराना चावल: सेहत, स्वाद और पाचन के लिहाज से आपकी रसोई के लिए कौन सा है बेस्ट? जानिए पूरी न्यूट्रिशन गाइड

लाइफस्टाइल डेस्क |भारतीय रसोई में चावल रोजाना के भोजन का अहम हिस्सा है। आमतौर पर चावल खरीदते समय लोग सोना मसूरी, बासमती या दूसरी किस्मों पर ध्यान देते हैं, लेकिन चावल की उम्र भी उसकी गुणवत्ता, स्वाद और बनावट को प्रभावित करती है। विशेषज्ञों के मुताबिक, नया और पुराना चावल पकने के बाद अलग-अलग परिणाम देता है और इनके पोषण गुणों में भी अंतर देखा जा सकता है।
क्या होता है नया चावल?
कटाई और प्रोसेसिंग के कुछ महीनों के भीतर इस्तेमाल किया जाने वाला चावल आमतौर पर नया चावल कहलाता है। इसमें नमी अपेक्षाकृत अधिक होती है। पकाने पर यह जल्दी नरम होता है और कई बार इसके दाने आपस में चिपक जाते हैं।
नए चावल की खासियतें:
- इसमें नमी अधिक होती है।
- पकने पर चावल नरम और कुछ हद तक चिपचिपा होता है।
- इसकी खुशबू हल्की और ताजी हो सकती है।
- पोंगल, पायसम और नरम चावल वाली डिश के लिए इसे पसंद किया जा सकता है।
हालांकि, बिरयानी, पुलाव या फ्राइड राइस जैसी डिश में, जहां चावल के दाने अलग-अलग रहने चाहिए, नया चावल हमेशा सबसे अच्छा विकल्प नहीं माना जाता।
पुराना चावल क्यों होता है खास?
कटाई के बाद कई महीनों तक भंडारित किया गया चावल पुराना चावल कहलाता है। स्टोरेज के दौरान चावल की नमी कम होती जाती है और उसके भौतिक-रासायनिक गुणों में बदलाव आते हैं। इसका असर चावल के पकने के तरीके, बनावट और स्वाद पर पड़ता है।
पुराना चावल पकने के बाद अपेक्षाकृत खिला-खिला और कम चिपचिपा रहता है। यही वजह है कि बिरयानी, पुलाव और फ्राइड राइस जैसी डिश बनाने में इसे अक्सर प्राथमिकता दी जाती है।
स्वाद और बनावट में भी अंतर
पुराने चावल में स्टोरेज के दौरान होने वाले प्राकृतिक बदलाव उसके पकने के गुणों को प्रभावित करते हैं। इसके दाने अधिक सूखे और अलग-अलग रह सकते हैं, जबकि नए चावल में नमी अधिक होने के कारण चिपचिपापन बढ़ सकता है।
क्या पुराना चावल डायबिटीज के लिए बेहतर है?
पुराने चावल को लेकर सबसे ज्यादा चर्चा इसके रेसिस्टेंट स्टार्च को लेकर होती है। रेसिस्टेंट स्टार्च पाचन तंत्र में पूरी तरह नहीं टूटता और ग्लूकोज के अवशोषण को प्रभावित कर सकता है। कुछ अध्ययनों में पुराने चावल में नए चावल की तुलना में रेसिस्टेंट स्टार्च की मात्रा अधिक पाई गई है।
हालांकि, इसका मतलब यह नहीं है कि पुराना चावल डायबिटीज का इलाज है या डायबिटीज वाले हर व्यक्ति के लिए यह स्वतः बेहतर विकल्प है। ब्लड शुगर पर असर चावल की किस्म, मात्रा, पकाने और खाने के साथ ली जाने वाली दूसरी चीजों पर भी निर्भर करता है।
रोजाना खाने के लिए कौन सा चावल चुनें?
अगर आपको खिले-खिले दाने, बेहतर बनावट और बिरयानी या पुलाव जैसी डिश पसंद है, तो पुराना चावल बेहतर विकल्प हो सकता है। वहीं नरम और चिपचिपे टेक्सचर वाली डिश के लिए नया चावल उपयोगी हो सकता है।
इसलिए चावल खरीदते समय सिर्फ उसकी किस्म ही नहीं, बल्कि उसकी उम्र और इस्तेमाल भी जरूर देखें। सही चुनाव आपकी डिश के स्वाद और बनावट में बड़ा अंतर ला सकता है।
