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22 साल से फ्रीज भ्रूण से जन्मी बेटी: बेटे को सड़क हादसे में खोने के बाद 54 साल की उम्र में मां बनीं यूनान की क्रिस्टीना

13 September 2026
22 साल से फ्रीज भ्रूण से जन्मी बेटी: बेटे को सड़क हादसे में खोने के बाद 54 साल की उम्र में मां बनीं यूनान की क्रिस्टीना

एथेंस: यूनान की राजधानी एथेंस से एक ऐसी खबर आई है, जिसने चिकित्सा विज्ञान और उम्मीद, दोनों की ताकत को एक साथ सामने रखा है। 54 साल की क्रिस्टीना राप्ती-जेलेपी और उनके 60 वर्षीय पति कोंस्टेंटिनोस ने बुधवार को एक बेटी का स्वागत किया। खास बात यह है कि यह बच्ची उस भ्रूण से जन्मी है, जिसे 22 साल से भी ज्यादा समय से फ्रीज करके रखा गया था।

दंपती ने बेटी का नाम जॉर्जिया रखा है। यह नाम उनके बेटे जॉर्गोस की याद में चुना गया, जिनका 21 साल की उम्र में पिछले साल अक्तूबर में एक सड़क हादसे में निधन हो गया था। जन्म के समय बच्ची का वजन 3.49 किलोग्राम था और वह पूरी तरह स्वस्थ है।

दो दशक से ज्यादा समय तक सुरक्षित रहा भ्रूण

चिकित्सा विशेषज्ञों के मुताबिक भ्रूण को उपयुक्त परिस्थितियों में लंबे समय तक क्रायोप्रिजर्व यानी अत्यधिक कम तापमान पर सुरक्षित रखा जा सकता है। हालांकि इतने लंबे समय तक संरक्षित रहे भ्रूण से सफल प्रसव के मामले अपेक्षाकृत कम ही देखने को मिलते हैं। यही वजह है कि इस मामले को चिकित्सा जगत में उल्लेखनीय माना जा रहा है।

बेटे को खोने के बाद फिर जगी उम्मीद

परिवार के लिए यह जन्म सिर्फ एक चिकित्सकीय सफलता नहीं, बल्कि उस खालीपन को भरने की कोशिश भी है जो बेटे के जाने के बाद पैदा हुआ था। दंपती ने बेटी को वही नाम देकर अपने बेटे की स्मृति को जीवित रखने का रास्ता चुना।

क्या होती है भ्रूण की क्रायोप्रिजर्वेशन प्रक्रिया

आईवीएफ यानी टेस्ट ट्यूब बेबी की प्रक्रिया में अक्सर एक से ज्यादा भ्रूण तैयार हो जाते हैं। इनमें से जिनका तत्काल इस्तेमाल नहीं होता, उन्हें बेहद कम तापमान पर सुरक्षित रख लिया जाता है। जरूरत पड़ने पर इन्हें सावधानी से सामान्य तापमान पर लाकर गर्भधारण की प्रक्रिया में इस्तेमाल किया जाता है।

इस तकनीक ने दुनियाभर में उन दंपतियों के लिए संभावनाएं खोली हैं, जो किसी वजह से तुरंत संतान की योजना नहीं बना पाते या जिन्हें चिकित्सकीय कारणों से इंतजार करना पड़ता है। एथेंस का यह मामला बताता है कि सही परिस्थितियों में यह इंतजार दो दशक से भी लंबा हो सकता है।