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अब सिर्फ लंबाई-वजन से तय नहीं होगी बच्चों की सेहत: आईसीएमआर के नए ग्रोथ स्टैंडर्ड में ब्लड प्रेशर और बायोमार्कर भी शामिल

13 September 2026
अब सिर्फ लंबाई-वजन से तय नहीं होगी बच्चों की सेहत: आईसीएमआर के नए ग्रोथ स्टैंडर्ड में ब्लड प्रेशर और बायोमार्कर भी शामिल

स्वास्थ्य डेस्क: बच्चा ठीक से बढ़ रहा है या नहीं, यह तय करने का तरीका अब बदलने जा रहा है। भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद (आईसीएमआर) ने हाल ही में बच्चों के लिए नए ग्रोथ स्टैंडर्ड तैयार किए हैं, जिनमें सिर्फ लंबाई और वजन ही नहीं, बल्कि शरीर के अनुपात, रक्तचाप और खून की जांच से मिलने वाले संकेतकों को भी शामिल किया गया है।

पुराने तरीके में मुख्य रूप से उम्र के हिसाब से लंबाई और वजन देखा जाता था। नए मानक में विकास की पूरी तस्वीर देखने की कोशिश की गई है। इसके लिए 2 से 18 साल तक के बच्चों का अध्ययन किया जा रहा है।

किन पांच बातों पर होगी नजर

  • उम्र के अनुसार लंबाई: बच्चे की लंबाई उसकी उम्र के हिसाब से सही दायरे में है या नहीं।
  • उम्र के अनुसार वजन: वजन का बढ़ना या ठहरना, दोनों ही संकेत माने जाएंगे।
  • शरीर के अनुपात: अलग-अलग शारीरिक माप और उनका आपसी अनुपात देखा जाएगा।
  • रक्तचाप: विकास के साथ-साथ हृदय की सेहत को भी समझा जा सके, इसके लिए ब्लड प्रेशर को शामिल किया गया है।
  • ब्लड बायोमार्कर: खून की जांच से मिलने वाले संकेतक, जिनसे हार्ट और मेटाबॉलिक बीमारियों के खतरे का आकलन किया जा सके।

क्यों जरूरी था यह बदलाव

विशेषज्ञों का कहना है कि केवल लंबाई और वजन देखकर यह नहीं कहा जा सकता कि बच्चा स्वस्थ है। कोई बच्चा उम्र के हिसाब से लंबा या भारी तो हो सकता है, लेकिन जरूरी नहीं कि उसका विकास संतुलित हो। नए मानक डॉक्टरों और अभिभावकों को यह समझने में मदद करेंगे कि बच्चा केवल बढ़ रहा है या सही मायनों में स्वस्थ रूप से बढ़ रहा है।

स्वास्थ्य विशेषज्ञों के मुताबिक शरीर की बनावट, उम्र के साथ आने वाला बदलाव और विकास की रफ्तार, तीनों ही बातें मायने रखती हैं। इसके साथ संतुलित पोषण, पर्याप्त नींद और रोजाना शारीरिक गतिविधि भी उतनी ही जरूरी है।

अभिभावक क्या ध्यान रखें

बच्चों के खानपान में दाल, दूध, अंडा, हरी सब्जियां, फल, साबुत अनाज और मेवे शामिल करने की सलाह दी जाती है। वहीं पैकेटबंद स्नैक्स और मीठे पेय पदार्थों से दूरी बनाए रखना बेहतर माना गया है।

अगर बच्चे की लंबाई या वजन लंबे समय तक एक जगह ठहरा हुआ लगे, या खानपान और गतिविधि में कोई असामान्य बदलाव दिखे, तो बाल रोग विशेषज्ञ से परामर्श लेना चाहिए। समय पर पहचान हो जाए तो ज्यादातर विकास संबंधी समस्याएं आसानी से संभाली जा सकती हैं।