जूनियर एशिया कप पर भारत का कब्जा: कोरिया को 4-1 से रौंदकर रिकॉर्ड छठी बार बने चैंपियन, जूनियर विश्व कप का टिकट भी पक्का

खेल डेस्क: भारत की जूनियर पुरुष हॉकी टीम ने जूनियर एशिया कप के फाइनल में कोरिया को 4-1 से हराकर रिकॉर्ड छठी बार महाद्वीपीय खिताब अपने नाम कर लिया है। इस जीत के साथ ही भारत ने जूनियर विश्व कप में अपनी जगह भी पक्की कर ली।
पहले ही क्वार्टर से बना दिया दबाव
भारत ने शुरुआत से ही आक्रामक रुख अपनाया। नौवें मिनट में अजीत यादव ने डिफ्लेक्शन पर गेंद को जाल में पहुंचाकर खाता खोला। इसके ठीक चार मिनट बाद 13वें मिनट में कप्तान अनमोल एक्का ने बढ़त दोगुनी कर दी।
पहले क्वार्टर के आखिरी हिस्से में कोरिया को एक पेनल्टी कॉर्नर मिला, लेकिन भारतीय रक्षापंक्ति ने उसे नाकाम कर दिया। दूसरे क्वार्टर में 21वें मिनट में प्रभदीप सिंह ने तीसरा गोल दागा और हाफ टाइम तक भारत 3-0 से आगे हो गया।
रेफरल भारत के पक्ष में गया, आशु ने बढ़ाई बढ़त
चौथे क्वार्टर में भारत को पेनल्टी कॉर्नर मिला। इस पर कोरिया ने रेफरल लिया, जो असफल रहा और फैसला भारत के पक्ष में गया। मौके को भुनाते हुए 50वें मिनट में आशु मौर्य ने गोल कर स्कोर 4-0 कर दिया।
कोरिया की ओर से एकमात्र गोल 54वें मिनट में कप्तान ली मिनह्योक ने पेनल्टी स्ट्रोक पर किया, लेकिन तब तक मुकाबला भारत की पकड़ से बाहर जा चुका था।
टूर्नामेंट की सबसे सफल टीम
यह भारत का रिकॉर्ड छठा जूनियर एशिया कप खिताब है। इससे पहले टीम ने 2004, 2008, 2015, 2023 और 2024 में यह ट्रॉफी जीती थी। इसके साथ ही भारत इस टूर्नामेंट के इतिहास की सबसे सफल टीम बना हुआ है।
हॉकी इंडिया ने की इनाम की घोषणा
जीत के बाद हॉकी इंडिया ने टीम के लिए नकद पुरस्कार की घोषणा की। प्रत्येक खिलाड़ी को 3 लाख रुपये और सहयोगी स्टाफ के हर सदस्य को 1.5 लाख रुपये दिए जाएंगे।
जूनियर स्तर पर लगातार मिल रही ये कामयाबियां भारतीय हॉकी के लिए अच्छा संकेत मानी जा रही हैं, क्योंकि इसी वर्ग से निकलकर खिलाड़ी आगे चलकर सीनियर टीम की रीढ़ बनते हैं।
