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मसूरी में 29 नवंबर को होगा अल्ट्रा मैराथन का दूसरा एडिशन: पद्मश्री टॉम ऑल्टर का सपना होगा साकार

18 September 2026
मसूरी में 29 नवंबर को होगा अल्ट्रा मैराथन का दूसरा एडिशन: पद्मश्री टॉम ऑल्टर का सपना होगा साकार

मसूरी: पहाड़ों की रानी मसूरी अब केवल प्राकृतिक सुंदरता और ठंडी आबोहवा के लिए ही नहीं, बल्कि रनिंग, फिटनेस और एडवेंचर टूरिज्म के लिए भी अपनी पहचान बनाने की दिशा में आगे बढ़ रही है। इसी कड़ी में 29 नवंबर 2026 को मसूरी अल्ट्रा मैराथन के दूसरे एडिशन का आयोजन किया जाएगा। आयोजन की तैयारियों का औपचारिक आगाज नगर पालिका सभागार में आधिकारिक मैराथन शर्ट के लॉन्च के साथ हुआ।

नगर पालिका अध्यक्ष मीरा सकलानी और मसूरी होटल एंड रेस्टोरेंट एसोसिएशन के अध्यक्ष एवं आयोजन समिति के आयोजक संदीप साहनी ने मैराथन की आधिकारिक शर्ट लॉन्च की।

टॉम ऑल्टर के सपने को आगे बढ़ाने की कोशिश

मसूरी अल्ट्रा मैराथन को प्रसिद्ध अभिनेता एवं पद्मश्री टॉम ऑल्टर के उस सपने से भी जोड़ा जा रहा है, जिसमें वह मसूरी को खेल और फिटनेस से जोड़ने वाला बड़ा आयोजन देखना चाहते थे। आयोजक संदीप साहनी के अनुसार, टॉम ऑल्टर के जीवनकाल में यह सपना पूरा नहीं हो सका। इसके बाद मसूरी के लोगों ने इसे आगे बढ़ाने का निर्णय लिया और 2025 में पहली बार मसूरी अल्ट्रा मैराथन आयोजित की गई।

पहले आयोजन में देश के विभिन्न हिस्सों के साथ विदेशी धावकों ने भी हिस्सा लिया था। अब दूसरे संस्करण को पहले से अधिक व्यापक बनाने की तैयारी है।

50 किलोमीटर से 1 किलोमीटर तक होंगी रेस

इस बार अलग-अलग आयु और फिटनेस स्तर के प्रतिभागियों को ध्यान में रखते हुए कई श्रेणियां रखी गई हैं। इनमें शामिल हैं:

  • 50 KM अल्ट्रा मैराथन
  • 42.4 KM फुल मैराथन
  • 10 KM रन
  • 5 KM रन
  • 1 KM रन

जहां अनुभवी धावकों को 50 किलोमीटर की चुनौती मिलेगी, वहीं फिटनेस प्रेमी और पहली बार दौड़ में हिस्सा लेने वाले प्रतिभागी छोटी दूरी की रेस चुन सकेंगे।

300 से ज्यादा धावकों ने कराया रजिस्ट्रेशन

आयोजक संदीप साहनी के मुताबिक, अब तक मसूरी के बाहर से 300 से अधिक धावक रजिस्ट्रेशन करा चुके हैं। स्थानीय प्रतिभागियों के लिए भी पंजीकरण शुरू किया जा रहा है। आयोजकों को इस बार 600 से 700 प्रतिभागियों के पहुंचने की उम्मीद है।

इस आयोजन से मसूरी के होटल, रेस्टोरेंट, टैक्सी, स्थानीय बाजार और अन्य पर्यटन कारोबार को भी लाभ मिलने की संभावना है। देश के अलग-अलग हिस्सों से आने वाले धावकों के साथ उनके परिवार और मित्र भी मसूरी पहुंच सकते हैं।

पिछले साल 411 धावकों ने लिया था हिस्सा

24 नवंबर 2025 को हुए पहले मसूरी अल्ट्रा मैराथन में 411 धावकों ने हिस्सा लिया था। 50 किलोमीटर पुरुष वर्ग में सेना के त्वेसांग विजेता रहे, जबकि महिला वर्ग में कल्पना ने पहला स्थान हासिल किया था।

42.4 किलोमीटर फुल मैराथन पुरुष वर्ग में योगेश ने जीत दर्ज की। 21.1 किलोमीटर पुरुष वर्ग में अमरदीप प्रथम रहे। वहीं 10 किलोमीटर पुरुष वर्ग में अदित्य और महिला वर्ग में स्वाति विजेता बनीं। 5 किलोमीटर पुरुष वर्ग में राकेश रावत और महिला वर्ग में बबीता रौतेला ने पहला स्थान हासिल किया।

मसूरी की ऊंचाई बनाएगी दौड़ को चुनौतीपूर्ण

समुद्र तल से करीब 2,005 मीटर (6,578 फीट) की ऊंचाई पर स्थित मसूरी में दौड़ना मैदानी शहरों की तुलना में अलग अनुभव देता है। चेन्नई की औसत ऊंचाई समुद्र तल से करीब 6-7 मीटर और कोलकाता की करीब 9 मीटर है।

ऊंचाई बढ़ने के साथ वायुदाब कम होता है और शरीर को उपलब्ध ऑक्सीजन की मात्रा भी कम हो जाती है। इसी कारण हाई एल्टीट्यूड पर दौड़ने में शरीर को अधिक मेहनत करनी पड़ सकती है। यही चुनौती मसूरी अल्ट्रा मैराथन को मैदानी क्षेत्रों में होने वाली सामान्य दौड़ से अलग अनुभव देती है।

फिटनेस और एडवेंचर टूरिज्म को मिलेगा बढ़ावा

आयोजकों का कहना है कि मसूरी अल्ट्रा मैराथन को केवल एक प्रतियोगिता के तौर पर नहीं देखा जा रहा, बल्कि इसे फिटनेस, स्वास्थ्य, साहस और पर्यटन को जोड़ने वाले आयोजन के रूप में विकसित करने की कोशिश है।

मसूरी स्पोर्ट्स एसोसिएशन के साथ उत्तराखंड सरकार और पर्यटन विभाग का सहयोग भी आयोजन को मिल रहा है। आयोजकों का लक्ष्य आने वाले वर्षों में इसे ऐसा मंच बनाना है, जहां देश-विदेश के धावक नियमित रूप से हिस्सा लेने के लिए मसूरी पहुंचें।