धामी का कांग्रेस पर तीखा पलटवार: बोले- झूठ की बुनियाद पर खड़े हैं विपक्ष के आरोप; अदाणी डील से लेकर अंकिता केस तक हर मुद्दे पर दिया जवाब

देहरादून: उत्तराखंड में 2027 में होने वाले विधानसभा चुनाव को लेकर सियासी पारा चढ़ने लगा है। विपक्ष (कांग्रेस) द्वारा लगातार लगाए जा रहे आरोपों पर शुक्रवार को मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने तीखा पलटवार किया। सीएम ने कहा कि कांग्रेस के पास कोई ठोस मुद्दा नहीं बचा है। वे झूठ की बुनियाद पर नैरेटिव गढ़ने की कोशिश करते हैं, जो कुछ ही दिनों में धड़ाम हो जाता है। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि कांग्रेस को अब उत्तराखंड में पैर रखने की जमीन नहीं मिल रही, इसलिए वे दिल्ली में जाकर प्रेस कॉन्फ्रेंस कर रहे हैं।
सीएम धामी ने कोल पावर प्लांट, जमीन बिक्री के आरोप, हल्द्वानी विवाद और अंकिता भंडारी केस से जुड़े विपक्ष के सभी आरोपों का सिलसिलेवार जवाब दिया।
खबर के 4 बड़े बिंदु:
- कोल प्लांट पर जवाब: सीएम बोले- कांग्रेस के 2014-15 के करार की सजा राज्य भुगत रहा, हमें 32 रुपये यूनिट बिजली खरीदनी पड़ रही; नया समझौता सस्ती बिजली देगा।
- जमीन बेचने का सच: कांग्रेस 7 हजार बीघा जमीन बेचने का आरोप लगा रही, जबकि UIIDB को अभी 45 एकड़ भी नहीं मिली।
- अंकिता केस पर रुख: तीनों आरोपी जेल में आजीवन कारावास काट रहे, विपक्ष केवल राजनीति कर रहा।
- कांग्रेस पर तंज: राहुल गांधी आएं या उनके प्रवक्ता, 60 साल तक देश लूटने वालों की हर गड़बड़ी उजागर करेंगे।
कांग्रेस के आरोप और सीएम धामी का जवाब
1. कोल पावर प्लांट: 'कांग्रेस के पुराने करार की सजा आज भुगत रहा प्रदेश'
कांग्रेस का आरोप: दिल्ली में प्रेस वार्ता कर कांग्रेस ने आरोप लगाया कि छत्तीसगढ़ में उत्तराखंड का कोल पावर प्लांट अडानी समूह को देने के लिए धामी सरकार ने टेंडरों में फेरबदल किया।
सीएम का जवाब: सीएम धामी ने कहा, "साल 2014-15 में कांग्रेस सरकार के समय दो कंपनियों से जो करार हुआ था, उसका खामियाजा राज्य आज तक भुगत रहा है। हमें 31 से 32 रुपए प्रति यूनिट तक बिजली खरीदनी पड़ रही है। वर्तमान में छत्तीसगढ़ के कोल पावर प्लांट का समझौता राज्य के दूरगामी हितों को देखते हुए पूरी प्रक्रिया के तहत हुआ है। पीक ऑवर में जहां 14 रुपए यूनिट बिजली खरीदनी पड़ती है, वहां अब सस्ती बिजली मिलेगी और अतिरिक्त बिजली को बेचकर राजस्व भी जुटाया जा सकेगा।"
2. सरकारी जमीन: '7 हजार बीघा छोड़िए, 45 एकड़ भी नहीं मिली'
कांग्रेस का आरोप: UIIDB (उत्तराखंड इन्वेस्टमेंट एंड इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट बोर्ड) के जरिए सरकार 7 हजार बीघा बेशकीमती सरकारी जमीन औने-पौने दामों पर बेच रही है।
सीएम का जवाब: धामी ने इसे सफेद झूठ करार देते हुए कहा कि UIIDB का गठन नीति आयोग और केंद्र सरकार के नियमों के तहत निवेश, रोजगार और पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए किया गया है। कांग्रेस 7 हजार बीघा का झूठ फैला रही है, जबकि हकीकत यह है कि अभी तक बोर्ड को 45 एकड़ जमीन भी ट्रांसफर नहीं हुई है।
3. हल्द्वानी विवाद: 'दलित नैरेटिव भी नहीं आया काम'
हल्द्वानी शुद्धिकरण मामले पर मुख्यमंत्री ने कहा कि कांग्रेस ने वोटों के ध्रुवीकरण के लिए वहां 'दलित नैरेटिव' बनाने की भरपूर कोशिश की, लेकिन जनता ने उनके मंसूबों को खारिज कर दिया। कांग्रेस केवल सत्ता पाने के लिए निम्न स्तर की राजनीति पर उतर आई है।
4. अंकिता भंडारी हत्याकांड: 'दोषी आजीवन कारावास में, बेटी की आत्मा को न झकझोरे विपक्ष'
अंकिता हत्याकांड पर विपक्ष के हमलों का जवाब देते हुए सीएम ने कहा, "यह बेहद दुखद घटना थी और सरकार ने पहले ही दिन से सख्त कदम उठाए। उसी का नतीजा है कि आज तीनों मुख्य आरोपी सलाखों के पीछे आजीवन कारावास की सजा काट रहे हैं। सरकार ने सीबीआई जांच की संस्तुति की है और मामला अदालत में है। कांग्रेस कभी ईवीएम, कभी चुनाव आयोग तो कभी जांच एजेंसियों पर सवाल उठाती है। इस संवेदनशील मुद्दे पर राजनीति कर विपक्ष दिवंगत बेटी की आत्मा को झकझोरने का काम न करे।"
सीएम का तीखा हमला:
"मुझे लगता है कि उत्तराखंड में कांग्रेस का जनाधार पूरी तरह खत्म हो चुका है। इसलिए वे प्रेस कॉन्फ्रेंस करने दिल्ली भागते हैं। कभी राहुल गांधी आते हैं, तो कभी उनके दिल्ली के प्रवक्ता। साठ साल तक देश को लूटने वाले और गरीबी हटाओ का नारा देकर गरीबों को मिटाने वाले हमें नसीहत न दें। हम राज्य में कोई गड़बड़ी नहीं होने देंगे और कांग्रेस के पुराने काले कारनामों को भी जनता के सामने उजागर करेंगे।"
— पुष्कर सिंह धामी, मुख्यमंत्री, उत्तराखंड
