उत्तर प्रदेश में जीसीसी की नई लहर, 26 वैश्विक कंपनियां करेंगी 3,936 करोड़ का निवेश, मिलेंगी 22 हजार नौकरियां

लखनऊ: उत्तर प्रदेश ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर यानी जीसीसी के नए ठिकाने के रूप में तेजी से उभर रहा है। औद्योगिक विकास विभाग की पहल पर दो हजार से ज्यादा कंपनियों से संपर्क किया गया, जिनमें से 26 कंपनियों को तत्काल निवेश के लिए चुन लिया गया है। इनसे प्रदेश में 3,936 करोड़ रुपये का निवेश आने और करीब 22 हजार लोगों को रोजगार मिलने की उम्मीद है।
उच्चस्तरीय समिति ने 1,710 करोड़ रुपये के चार प्रस्तावों को मंजूरी दे दी है, जबकि 1,223 करोड़ रुपये के 14 मामले अभी विस्तृत परियोजना रिपोर्ट के स्तर पर हैं। दो मामलों में जमीन से जुड़ी अड़चनें सामने आई हैं, जिन्हें दूर करने का काम चल रहा है।
नोएडा में पहले से 169 जीसीसी सक्रिय
नोएडा इस समय प्रदेश का सबसे बड़ा जीसीसी केंद्र है, जहां 169 सेंटर काम कर रहे हैं। यहां 12 विकल्पों में ग्रेड-ए श्रेणी की करीब 2.46 करोड़ वर्ग फुट जगह चिह्नित की गई है, जिसमें से 26.9 लाख वर्ग फुट जगह तत्काल उपलब्ध है। किराया 65 से 85 रुपये प्रति वर्ग फुट प्रति माह के बीच है और अकेले सेक्टर-127 की हिस्सेदारी 57 प्रतिशत है।
नोएडा और ग्रेटर नोएडा में कुल 167 एकड़ जमीन तैयार रखी गई है। यह 37.4 एकड़, 77 एकड़ और 52.8 एकड़ के तीन हिस्सों में है। इसके साथ ही 10.1 लाख वर्ग फुट किराये की जगह भी तुरंत उपलब्ध कराई जा सकती है।
कौन सी कंपनियां कतार में
- पहले से मौजूद: अमेजन, माइक्रोसॉफ्ट, ओरेकल, ऑप्टम और बार्कलेज के जीसीसी प्रदेश में काम कर रहे हैं।
- बातचीत जारी: एलजी, अमेरिप्राइज, एओएन, मेटलाइफ और टेबल स्पेस से चर्चा चल रही है।
- लक्ष्य समूह: एडोब, फिसर्व और ईएक्सएल समेत 150 जीसीसी कंपनियों का समूह चिह्नित किया गया है।
25 विश्वविद्यालयों से करार
कुशल कर्मचारियों की कमी आड़े न आए, इसके लिए प्रदेश के 25 विश्वविद्यालयों के साथ समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए गए हैं। इन संस्थानों से निकले पूर्व छात्रों के आंकड़ों के आधार पर दक्ष युवाओं का डेटाबेस तैयार किया जा रहा है, ताकि कंपनियों को स्थानीय स्तर पर ही तकनीकी रूप से तैयार कर्मचारी मिल सकें।
औद्योगिक विकास मंत्री नंद गोपाल गुप्ता नंदी ने कहा कि जीसीसी प्रदेश की प्रतिभा को यहीं रोकने और बाहर की प्रतिभा को आकर्षित करने में मील का पत्थर साबित होंगे। उनके मुताबिक तकनीकी रूप से दक्ष युवाओं को अब प्रदेश में ही सबसे बेहतर वेतन मिल सकेगा।
