यूपी रोडवेज नौ नए रूटों पर चलाएगा 24 और एसी स्लीपर बसें, लखनऊ से गया और इंदौर तक सीधी सुविधा

लखनऊ: अंतरराज्यीय बस समझौते के तहत परिवहन निगम नौ नए रूटों पर 24 और वातानुकूलित स्लीपर बसें चलाने जा रहा है। इनमें लखनऊ से गया, इंदौर और बरेली होते हुए दिल्ली जैसे लंबी दूरी के रूट शामिल हैं।
इन बसों के संचालन के लिए निविदा प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। निविदा 25 सितंबर तक डाली जा सकेगी और 26 सितंबर को इसे खोला जाएगा। प्रक्रिया पूरी होने के 90 दिन के भीतर स्लीपर बसों का संचालन शुरू कराने का लक्ष्य रखा गया है।
प्री-बिड बैठक में जुड़े नौ नए रूट
एक सितंबर को हुई प्री-बिड बैठक में निजी बस ऑपरेटरों के सुझाव पर नौ नए रूट सूची में शामिल किए गए। इनमें लखनऊ से गया, लखनऊ से इंदौर, बरेली होते हुए लखनऊ से दिल्ली, गोरखपुर से लखनऊ होते हुए दिल्ली, गाजियाबाद से लखनऊ होते हुए गोरखपुर और गाजियाबाद से बनारस जैसे रूट शामिल हैं।
क्षेत्रीय प्रबंधक विमल राजन ने बताया कि परिवहन निगम पहली बार पीपीपी मॉडल पर अंतरराज्यीय वातानुकूलित स्लीपर बसों का संचालन करेगा। पहले सात राज्यों के बीच 15 रूटों पर 30 बसें चलाने की सहमति बनी थी, नए रूट जुड़ने के बाद बसों की संख्या बढ़ाई गई है।
पीपीपी यानी सार्वजनिक-निजी भागीदारी मॉडल में बसें निजी ऑपरेटर उपलब्ध कराते हैं, जबकि रूट, समय-सारिणी और संचालन की शर्तें परिवहन निगम तय करता है। इससे निगम पर वाहन खरीदने का भार नहीं पड़ता और यात्रियों को नई बसों की सुविधा मिल जाती है।
दो मॉडल में आएंगी बसें
- बर्थ: बसें 30 और 36 बर्थ वाले दो मॉडल में होंगी।
- लंबे रूट: 800 किलोमीटर से अधिक दूरी वाले रूट पर तीन बसें और दो चालक तैनात किए जाएंगे।
- अन्य रूट: बाकी रूटों पर दो बसें अप-डाउन करेंगी।
- समयसीमा: निविदा प्रक्रिया पूरी होने के 90 दिन के भीतर संचालन शुरू कराने का लक्ष्य है।
लंबी दूरी का सफर करने वाले यात्रियों के लिए यह सुविधा बड़ी राहत मानी जा रही है। रातभर के सफर में आरामदायक स्लीपर बर्थ और वातानुकूलित व्यवस्था मिलने से यात्रा आसान होगी और पड़ोसी राज्यों तक सीधी बस सेवा का दायरा भी बढ़ेगा।
अभी तक लखनऊ से गया, इंदौर या बनारस जैसे शहरों तक जाने वाले कई यात्रियों को बीच में बस बदलनी पड़ती है या ट्रेन की प्रतीक्षा सूची पर निर्भर रहना पड़ता है। सीधी स्लीपर बस सेवा शुरू होने से इन रूटों पर यात्रा का एक और भरोसेमंद विकल्प तैयार होगा।
