न्याय के देवता चितई गोल्ज्यू के दरबार में उमड़ा आस्था का सैलाब, घंटों कतार में खड़े रहे श्रद्धालु

अल्मोड़ा। कुमाऊं के प्रसिद्ध न्याय के देवता चितई गोलू देवता के मंदिर में श्रद्धालुओं का भारी तांता देखने को मिला। सुबह की पहली किरण फूटने से पहले ही मंदिर परिसर जयकारों और घंटियों की मधुर ध्वनियों से गूंज उठा। दर्शन के लिए मंदिर के मुख्य द्वार से लेकर अल्मोड़ा-पिथौरागढ़ मुख्य मार्ग तक करीब दो किलोमीटर लंबी कतार लगी रही।
अर्जी और घंटियां लेकर पहुंचे भक्त
देश के कोने-कोने से पहुंचे श्रद्धालु अपने हाथों में स्टैंप पेपर, सादे कागज पर लिखी अर्जियां और पीतल की घंटियां थामे अपनी बारी का इंतजार करते दिखे। मान्यता है कि जिन मामलों में इंसान को कहीं न्याय नहीं मिलता, वहां गोल्ज्यू देवता निष्पक्ष न्याय करते हैं। कतार में लगे श्रद्धालु धूप और ठंड की परवाह किए बिना केवल एक झलक पाने को उत्सुक नजर आए।
व्यवस्थाएं और प्रशासन की चौकसी
सुगम दर्शन व्यवस्था: श्रद्धालुओं की भारी संख्या को देखते हुए मंदिर प्रबंधन और स्थानीय पुलिस ने कतारबद्ध दर्शन के लिए बैरिकेडिंग की व्यवस्था की।
बुजुर्गों और बच्चों के लिए राहत: भीड़ के दबाव को नियंत्रित करने के लिए बुजुर्गों और छोटे बच्चों के लिए अलग से पानी और विश्राम की व्यवस्था की गई।
सुरक्षा प्रबंध: मुख्य सड़क पर वाहनों का दबाव बढ़ने के कारण यातायात पुलिस ने जाम से निपटने के लिए अतिरिक्त जवान तैनात किए।
मनोकामना पूरी होने पर तांबे और पीतल की भारी घंटियां चढ़ाने वालों का उत्साह देखते ही बन रहा था। मंदिर परिसर में टंगे लाखों पत्र और घंटियां इस बात की गवाही दे रहे थे कि लोकदेवता गोल्ज्यू के प्रति जनमानस का विश्वास आज भी अटूट बना हुआ है। देर शाम तक मंदिर में दर्शन का यह सिलसिला अनवरत जारी रहा।
