एशिया कप में चमकेंगे दून के दो सितारे: ब्लाइंड क्रिकेट की 24 सदस्यीय सूची में उत्तराखंड के दीपक और गंभीर ने बनाई जगह

देहरादून: ब्लाइंड क्रिकेट के एशिया कप के लिए जारी 24 खिलाड़ियों की सूची में उत्तराखंड के दो खिलाड़ियों ने जगह बना ली है। क्रिकेट एसोसिएशन फॉर द ब्लाइंड इन इंडिया (कैबी) की ओर से जारी इस सूची में दीपक सिंह रावत और गंभीर सिंह चौहान का नाम शामिल है। दोनों खिलाड़ी अब राष्ट्रीय कोचिंग शिविर और चयन ट्रायल के जरिए अंतिम टीम में जगह बनाने की कोशिश करेंगे।
पहली बार चुने गए दीपक, सरकारी स्कूल में हैं सहायक अध्यापक
दीपक सिंह रावत का चयन पहली बार हुआ है। वह उत्तरकाशी के किमडार सरनौल के रहने वाले हैं और फिलहाल उत्तरकाशी के गमरी मोरी स्थित राजकीय प्राथमिक विद्यालय में सहायक अध्यापक के पद पर कार्यरत हैं। पढ़ाने की जिम्मेदारी के साथ-साथ उन्होंने खेल को भी बराबर समय दिया, जिसका नतीजा अब इस चयन के रूप में सामने आया है।
गंभीर दो बार कर चुके हैं देश का प्रतिनिधित्व
दूसरे खिलाड़ी गंभीर सिंह चौहान चकराता के बोयला के निवासी हैं और इससे पहले दो बार भारत का प्रतिनिधित्व कर चुके हैं। वह वर्तमान में राजपुर रोड स्थित राष्ट्रीय दृष्टिदिव्यांगजन सशक्तीकरण संस्थान से विशेष शिक्षा में एमएड की पढ़ाई कर रहे हैं।
24 में से चुने जाएंगे 17 खिलाड़ी
कैबी की ओर से जारी 24 खिलाड़ियों की इस सूची के बाद राष्ट्रीय कोचिंग शिविर और चयन ट्रायल आयोजित किए जाएंगे। इसके बाद 17 सदस्यीय अंतिम टीम की घोषणा की जाएगी। चयन का आधार फिटनेस, प्रदर्शन, स्किल्स और टीम कॉम्बिनेशन रखा गया है।
13 नवंबर से ढाका में होगा एशिया कप
ब्लाइंड क्रिकेट एशिया कप का दूसरा संस्करण 13 नवंबर 2026 से बांग्लादेश के ढाका में खेला जाएगा। यह टूर्नामेंट टी-20 प्रारूप में होगा। इससे पहले इसका पहला संस्करण 2016 में केरल के कोच्चि में आयोजित हुआ था, जिसे भारत ने अपने नाम किया था।
कैबी के अध्यक्ष डॉ. महंतेश ने कहा कि पूरे एक दशक बाद एशिया कप की वापसी हो रही है और भारत एक बार फिर खिताब का मजबूत दावेदार है।
कोच बोले, बचपन से तैयारी करा रहे दोनों खिलाड़ियों पर गर्व
कोच नरेश सिंह नयाल ने कहा कि दोनों खिलाड़ियों को छोटी उम्र से तैयारी कराना और अब उन्हें राज्य तथा देश का नाम रोशन करने की दिशा में आगे बढ़ते देखना गर्व की बात है। उन्होंने कहा कि इस चयन से खिलाड़ियों का मनोबल और बढ़ेगा।
पहाड़ के दूरदराज इलाकों से निकलकर राष्ट्रीय स्तर की सूची तक पहुंचना अपने आप में एक बड़ी उपलब्धि है, और दोनों खिलाड़ियों की यह यात्रा राज्य के कई युवाओं के लिए प्रेरणा बन सकती है।
