राम जन्मभूमि परिसर में सहेजी जाएगी अतीत की स्मृति: अस्थायी मंदिर बनकर तैयार, हुतात्मा कारसेवकों की याद में 11 मीटर ऊंचा स्तंभ भी अंतिम चरण में

अयोध्या: राम मंदिर निर्माण के साथ-साथ अब राम जन्मभूमि परिसर में उस पूरे कालखंड की स्मृतियों को भी स्थायी धरोहर के रूप में सहेजने की तैयारी अंतिम चरण में पहुंच गई है, जब रामलला वर्षों तक एक अस्थायी ढांचे में विराजमान रहे। परिसर में बनाया गया अस्थायी मंदिर लगभग बनकर तैयार है और अब उसमें केवल फिनिशिंग का काम शेष है। इसे आगे चलकर धरोहर के रूप में संरक्षित किया जाएगा, ताकि आने वाली पीढ़ियां उस दौर को नजदीक से देख और समझ सकें।
इसी परिसर में हुतात्मा कारसेवकों की स्मृति में बनाया जा रहा 11 मीटर ऊंचा स्मारक स्तंभ भी लगभग पूरा हो चुका है। मंदिर आंदोलन के दौरान जिन कारसेवकों ने अपने प्राण गंवाए, यह स्तंभ उन्हीं की याद को समर्पित है। निर्माण से जुड़े अधिकारियों के अनुसार अब इसके अंतिम चरण का काम चल रहा है।
निर्माण समिति अध्यक्ष ने किया स्मारक स्तंभ का निरीक्षण
श्री राम जन्मभूमि मंदिर निर्माण समिति के अध्यक्ष नृपेंद्र मिश्र ने रविवार को परिसर पहुंचकर स्मारक स्तंभ का निरीक्षण किया। उन्होंने निर्माण की गुणवत्ता के बारे में विस्तार से जानकारी ली और अंतिम चरण में चल रहे कार्यों की प्रगति समझी।
इसके बाद उन्होंने अस्थायी मंदिर के सौंदर्यीकरण कार्य की बारीकी से समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों से इसके स्वरूप, फिनिशिंग और वहां रखी जाने वाली ऐतिहासिक स्मृति-वस्तुओं को लेकर सवाल किए, ताकि यह स्थल केवल एक ढांचा बनकर न रह जाए, बल्कि अपने साथ जुड़ा पूरा इतिहास भी दर्शकों तक पहुंचा सके।
तीर्थ यात्री सुविधा केंद्र में निर्माण अधिकारियों के साथ बैठक
निरीक्षण के बाद नृपेंद्र मिश्र ने तीर्थ यात्री सुविधा केंद्र (पीएफसी) के सभागार में निर्माण कार्य से जुड़े अधिकारियों के साथ बैठक की। उन्होंने कार्यदायी संस्था के अभियंताओं से भी मुलाकात की, जिनमें राम मंदिर के मुख्य अभियंता जगदीश आफले भी शामिल रहे। बैठक में ट्रस्ट कार्यालय और सभागार के निर्माण कार्य की भी समीक्षा की गई।
माध्वाचार्य द्वार का 70 फीसदी काम पूरा, 15 अक्तूबर का लक्ष्य
क्षीरेश्वरनाथ मंदिर के सामने विकसित किया जा रहा माध्वाचार्य द्वार भी तेजी से आकार ले रहा है। अब तक इसका करीब 70 फीसदी काम पूरा हो चुका है और इसे 15 अक्तूबर तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।
14 और 15 सितंबर को होंगी समीक्षा बैठकें, नवनियुक्त सीईओ भी होंगे शामिल
नृपेंद्र मिश्र इस बार दो दिवसीय प्रवास पर अयोध्या पहुंचे हैं। उनके प्रवास के दौरान 14 और 15 सितंबर को समीक्षा बैठकें प्रस्तावित हैं। 15 सितंबर की बैठक में श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के नवनियुक्त मुख्य कार्यकारी अधिकारी एयर मार्शल (सेवानिवृत्त) जितेंद्र मिश्र भी शामिल होंगे।
परिसर में चल रहे इन कार्यों के पूरा होने के बाद अयोध्या आने वाले श्रद्धालु न सिर्फ भव्य राम मंदिर के दर्शन कर सकेंगे, बल्कि उस लंबे दौर की स्मृतियों से भी रूबरू होंगे, जिसने इस स्थान के इतिहास को गढ़ा है।
