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बदरीनाथ धाम में डीजे विवाद के बाद प्रशासन सख्त: धार्मिक स्थलों के पास हाई-फ्रीक्वेंसी साउंड सिस्टम पर लगा बैन, SDM की अनुमति होगी अनिवार्य

26 September 2026
बदरीनाथ धाम में डीजे विवाद के बाद प्रशासन सख्त: धार्मिक स्थलों के पास हाई-फ्रीक्वेंसी साउंड सिस्टम पर लगा बैन, SDM की अनुमति होगी अनिवार्य

गोपेश्वर/बदरीनाथ: भू-वैकुंठ बदरीनाथ धाम में हाल ही में हुए डीजे विवाद को गंभीरता से लेते हुए चमोली जिला प्रशासन ने कड़ा कदम उठाया है। जिले के सभी धार्मिक और सांस्कृतिक स्थलों की पवित्रता व गरिमा बनाए रखने के लिए जिला मजिस्ट्रेट (DM) गौरव कुमार ने बदरीनाथ धाम समेत सभी प्रमुख तीर्थ स्थलों के आसपास उच्च आवृत्ति वाले साउंड सिस्टम (High-Frequency Sound System/DJ) के इस्तेमाल पर तत्काल प्रभाव से रोक लगा दी है।

धार्मिक गरिमा प्रभावित करने वाले आयोजनों पर प्रतिबंध
जिला प्रशासन द्वारा जारी आदेश के अनुसार, धार्मिक और ऐतिहासिक स्थलों के समीप ऐसे किसी भी कार्यक्रम के आयोजन पर पूरी तरह रोक रहेगी, जिससे वहां की शांति, परंपरा और धार्मिक गरिमा प्रभावित होती हो। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि तीर्थ स्थलों की मर्यादा से किसी भी प्रकार का समझौता बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

प्रशासन की पूर्व अनुमति के बिना नहीं होगा कोई आयोजन
नए निर्देशों के तहत अब धार्मिक एवं सांस्कृतिक स्थलों के आसपास किसी भी प्रकार का कार्यक्रम आयोजित करने से पहले स्थानीय प्रशासन से अनुमति लेना अनिवार्य कर दिया गया है:

  • SDM करेंगे जांच: कार्यक्रम की अनुमति संबंधित क्षेत्र के उप जिलाधिकारी (SDM) द्वारा सभी सुरक्षा, ध्वनि और धार्मिक पहलुओं की गहन जांच-पड़ताल के बाद ही दी जाएगी।
  • बिना अनुमति कार्यक्रम अवैध: बिना पूर्व प्रशासनिक मंजूरी के साउंड सिस्टम लगाने या भीड़ जुटाने पर सीधे तौर पर रोक रहेगी।

उल्लंघन पर आयोजकों के खिलाफ होगी कड़ी कार्रवाई
जिलाधिकारी ने अपने आदेश में सख्त हिदायत दी है कि यदि कोई भी आयोजन समिति या आयोजक मंडल इन नियमों की अनदेखी करता पाया गया, तो उसके खिलाफ सुसंगत धाराओं के तहत कठोर दंडात्मक व कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

गौरतलब है कि हाल के दिनों में बदरीनाथ धाम परिसर के आसपास तेज आवाज में डीजे बजाने को लेकर विवाद खड़ा हुआ था, जिसके बाद तीर्थ पुरोहितों और स्थानीय लोगों ने इस पर गहरी नाराजगी जताई थी। इसी के मद्देनजर प्रशासन ने यह सख्त रुख अपनाया है।