उत्तराखंड में भारी बारिश का 'रेड अलर्ट': CM धामी ने अधिकारियों को 24 घंटे अलर्ट मोड पर रहने के दिए निर्देश; देहरादून, हरिद्वार समेत 4 जिलों में अत्यंत भारी बारिश की चेतावनी

देहरादून: मौसम विज्ञान केंद्र द्वारा उत्तराखंड के कई जनपदों में भारी से बहुत भारी बारिश के 'रेड अलर्ट' के बाद शासन और प्रशासन पूरी तरह एक्शन मोड में आ गया है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने स्थिति की गंभीरता को देखते हुए सभी जिलाधिकारियों और संबंधित विभागों को 24 घंटे 'अलर्ट मोड' पर रहने के कड़े निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री ने आपदा प्रबंधन सचिव विनोद कुमार सुमन से सीधे बातचीत कर राज्यभर में संभावित आपदा से निपटने के लिए सभी एहतियाती कदम पहले से सुनिश्चित करने को कहा है।
इन 4 जिलों में 'रेड अलर्ट', बाकी 9 जिलों में 'येलो अलर्ट'
मौसम विज्ञान केंद्र देहरादून के अनुसार:
- रेड अलर्ट वाले जिले: देहरादून, टिहरी, पौड़ी और हरिद्वार जनपदों में भारी से बहुत भारी तथा कहीं-कहीं अत्यंत भारी (मूसलाधार) बारिश की आशंका जताई गई है। इन जिलों में 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने का अनुमान है।
- येलो अलर्ट वाले जिले: नैनीताल, चंपावत, पिथौरागढ़, ऊधमसिंह नगर सहित प्रदेश के अन्य नौ जनपदों में गर्जन, आकाशीय बिजली चमकने और 40 से 50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से झोंकेदार हवाएं चलने को लेकर अलर्ट जारी किया गया है।
मुख्यमंत्री के अधिकारियों को सख्त निर्देश
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने निर्देश दिए हैं कि:
- पर्वतीय और मैदानी क्षेत्रों के सभी संवेदनशील व भूस्खलन संभावित क्षेत्रों की निरंतर निगरानी की जाए।
- संभावित आपदा की स्थिति में राहत एवं बचाव दलों (SDRF, NDRF और पुलिस) की तैनाती पहले से ही पुख्ता रखी जाए।
- जिला आपातकालीन संचालन केंद्रों (DEOC) को सक्रिय रखा जाए और मौसम से जुड़े अपडेट्स स्थानीय स्तर तक तुरंत पहुंचाए जाएं।
नदी-नालों की तरफ न जाएं लोग: हरिद्वार डीएम मयूर दीक्षित
हरिद्वार के जिलाधिकारी मयूर दीक्षित ने आम जनता से सतर्कता बरतने की अपील की है। उन्होंने कहा कि खराब मौसम के दौरान लोग गैर-जरूरी यात्रा से बचें और उफनती नदियों, बरसाती नालों व जलभराव वाले संवेदनशील इलाकों की तरफ बिल्कुल न जाएं। जिलाधिकारी ने सभी संबंधित अधिकारियों को फील्ड में रहने और किसी भी आपात सूचना पर तुरंत एक्शन लेने के निर्देश दिए हैं।
अपर जिलाधिकारी वैभव गुप्ता ने बताया कि सभी तहसील स्तर के प्रशासनिक अधिकारियों को मुख्यालय में डटे रहने को कहा गया है ताकि किसी भी आपदा की स्थिति में त्वरित सहायता पहुंचाई जा सके।
इमरजेंसी के लिए हेल्पलाइन नंबर जारी (हरिद्वार)
किसी भी प्रकार की आपदा या आपात स्थिति की सूचना तत्काल देने के लिए प्रशासन ने जिला आपातकालीन परिचालन केंद्र के नंबर जारी किए हैं:
- टोल फ्री नंबर:1077
- लैंडलाइन नंबर:01334-223999
- मोबाइल नंबर:7055258800, 9528250926
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि समय पर सूचना मिलने से राहत एवं बचाव दलों को तेजी से मौके पर भेजकर जन-धन की हानि को रोका जा सकता है।
