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शुद्धिकरण विवाद पर कांग्रेस का शक्ति प्रदर्शन, बारिश में निकला सीएम आवास कूच; कई नेता हिरासत में

7 September 2026
शुद्धिकरण विवाद पर कांग्रेस का शक्ति प्रदर्शन, बारिश में निकला सीएम आवास कूच; कई नेता हिरासत में

देहरादून: हल्द्वानी के रामलीला मैदान में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे की रैली के बाद हुए कथित शुद्धिकरण को लेकर उत्तराखंड कांग्रेस का विरोध प्रदर्शन तेज हो गया है। सोमवार को तेज बारिश के बावजूद कांग्रेस के नेता और कार्यकर्ता बड़ी संख्या में मुख्यमंत्री आवास का घेराव करने के लिए निकले। प्रदर्शन में कांग्रेस की प्रदेश प्रभारी कुमारी सैलजा भी शामिल हुईं।

कांग्रेस कार्यकर्ताओं के सीएम आवास कूच को हाथीबड़कला के पास पुलिस ने बैरिकेडिंग लगाकर रोक दिया। इस दौरान कांग्रेस नेताओं और पुलिस के बीच धक्का-मुक्की भी हुई। पुलिस ने कई कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं को हिरासत में लिया।

दरअसल, आठ अगस्त को हल्द्वानी के रामलीला मैदान में कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे की रैली आयोजित हुई थी। रैली के बाद कार्यक्रम स्थल के कथित शुद्धिकरण को लेकर विवाद खड़ा हो गया। कांग्रेस का आरोप है कि प्रदेश के अलग-अलग पुलिस थानों में तहरीर देने के बावजूद जिम्मेदार लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज नहीं की गई। वहीं, लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के खिलाफ एफआईआर दर्ज किए जाने को लेकर भी पार्टी सरकार पर हमलावर है।

प्रदेश प्रभारी कुमारी सैलजा ने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार ने उत्तराखंड की जनता की भावनाओं और विश्वास के साथ विश्वासघात किया है। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे की रैली के बाद अपने ही लोगों से कार्यक्रम स्थल का शुद्धिकरण कराया गया। सैलजा ने आरोप लगाया कि आगामी चुनाव को देखते हुए भाजपा हर तरह के हथकंडे अपना रही है।

कई नेताओं ने थामा कांग्रेस का दामन

सीएम आवास घेराव के दौरान कुमारी सैलजा और अन्य वरिष्ठ कांग्रेस नेताओं की मौजूदगी में कई लोगों ने कांग्रेस की सदस्यता ग्रहण की। कांग्रेस में शामिल होने वालों में पूर्व मेयर रुड़की यशपाल राणा, पूर्व प्रमुख यमकेश्वर कोटद्वार भुवनेश खर्कवाल, पूर्व प्रधानाचार्य एवं पूर्व अध्यक्ष गन्ना समिति हरिद्वार मनोज सैनी, पूर्व दर्जा राज्य मंत्री रामकुमार वालिया, पूर्व अध्यक्ष मंडी समिति देहरादून रविंद्र आनंद, अधिवक्ता सचिन कुमार और पुरोला से जुड़े अन्य लोग शामिल रहे।

वहीं, कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने नई दिल्ली स्थित अपने आवास पर एक घंटे का मौन व्रत रखा। हरीश रावत पिछले कुछ महीनों से स्वास्थ्य लाभ के लिए दिल्ली में हैं।

उन्होंने सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए कहा कि कुछ अनचाहे कारण और अदृश्य शक्तियां बार-बार ऐसी स्थिति पैदा कर रही हैं, जिससे वह उत्तराखंड जाने की हिम्मत नहीं जुटा पा रहे हैं। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड में अस्पृश्यता और अपमानजनक छुआछूत को संरक्षण देने वाली शक्तियों के खिलाफ संघर्ष चल रहा है।

हरीश रावत ने कहा कि इसी संघर्ष में अपनी भागीदारी दर्ज कराने के लिए उन्होंने सात सितंबर को दिल्ली स्थित अपने आवास पर एक घंटे का मौन व्रत रखा और भगवान से प्रार्थना की कि छुआछूत तथा सामाजिक भेदभाव को बढ़ावा देने वाली शक्तियों की हार हो।