देहरादून जू से ग्वालियर रवाना हुआ बाघ 'भोला', बदले में पर्यटकों को लुभाएगा सफेद बाघ 'तेजस'

देहरादून: देहरादून चिड़ियाघर (जू) में पिछले दो वर्षों से पर्यटकों के मुख्य आकर्षण का केंद्र रही रॉयल बंगाल टाइगर्स की जोड़ी अब अलग हो गई है। 'टाइगर एक्सचेंज प्रोग्राम' (बाघ विनिमय कार्यक्रम) के तहत 5 वर्षीय मेल रॉयल बंगाल टाइगर 'भोला' को मध्य प्रदेश के ग्वालियर चिड़ियाघर भेज दिया गया है। इसके बदले ग्वालियर से एक सफेद रॉयल बंगाल टाइगर 'तेजस' जल्द ही देहरादून चिड़ियाघर की शान बढ़ाएगा।
कड़े सुरक्षा प्रोटोकॉल के बीच ग्वालियर रवाना हुआ भोला
केंद्रीय चिड़ियाघर प्राधिकरण (CZA) की अनुमति के बाद 25 सितंबर को भोला को पूरी सुरक्षा और चिकित्सकीय निगरानी में विशेष रेस्क्यू वैन से ग्वालियर के लिए रवाना किया गया। करीब 24 घंटे के इस लंबे सफर के दौरान बाघ की देखरेख के लिए उप प्रभागीय वनाधिकारी अभिषेक मैठाणी और वरिष्ठ पशुचिकित्सा अधिकारी डॉ. प्रदीप मिश्रा के नेतृत्व में डॉक्टरों, वनकर्मियों और क्यूआरटी (QRT) की एक विशेष टीम साथ गई है।
चिड़ियाघर के पशु चिकित्सक डॉ. प्रदीप मिश्रा ने बताया कि यात्रा से पहले भोला का गहन स्वास्थ्य परीक्षण किया गया और वह पूरी तरह स्वस्थ व फिट पाया गया।
27 सितंबर को दून पहुंचेगा सफेद बाघ 'तेजस'
तय कार्यक्रम के मुताबिक, भोला के ग्वालियर पहुंचने के बाद 27 सितंबर को वहां से सफेद बाघ 'तेजस' को देहरादून के लिए रवाना किया जाएगा। सामान्य बाघों की तुलना में सफेद बाघ पर्यटकों के लिए हमेशा से एक विशेष कौतूहल और आकर्षण का विषय रहे हैं। ऐसे में तेजस के आने से देहरादून जू में पर्यटकों की संख्या में भारी इजाफा होने की उम्मीद है। हालांकि, देहरादून पहुंचने के बाद तेजस को तुरंत पर्यटकों के सामने नहीं लाया जाएगा; पहले उसके स्वास्थ्य और नए माहौल में अनुकूलन (क्वारंटीन) की प्रक्रिया पूरी की जाएगी।
फिलहाल सिर्फ 'T2' के दीदार कर सकेंगे पर्यटक
भोला के जाने के बाद अब देहरादून जू में पर्यटकों के लिए केवल 'T2' बाघ ही मौजूद रहेगा। इससे पहले भोला और T2 को अलग-अलग समय पर बाड़े (डिस्प्ले) में पर्यटकों के लिए छोड़ा जाता था।
चिड़ियाघर में बढ़ाई जाएगी वन्यजीवों की विविधता
देहरादून जू के निदेशक वैभव कुमार ने बताया, "यह एक्सचेंज प्रोग्राम CZA की गाइडलाइंस के तहत किया गया है। तेजस के आने के बाद औपचारिकताएं पूरी कर उसे जल्द आम जनता के लिए प्रदर्शित किया जाएगा।" उन्होंने आगे कहा कि प्रबंधन देश के अन्य चिड़ियाघरों के साथ भी संपर्क में है, ताकि भविष्य में नए-नए वन्यजीवों को देहरादून लाया जा सके और पर्यटकों को विभिन्न प्रजातियों के वन्यजीवों को करीब से देखने का अवसर मिल सके।
