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भारत का निर्यात अगस्त में 26 प्रतिशत बढ़कर 43.81 अरब डॉलर, व्यापार घाटा भी घटा

17 September 2026
भारत का निर्यात अगस्त में 26 प्रतिशत बढ़कर 43.81 अरब डॉलर, व्यापार घाटा भी घटा

नई दिल्ली: आर्थिक मोर्चे पर देश के लिए अच्छी खबर है। अगस्त 2026 में भारत का निर्यात 26.12 प्रतिशत बढ़कर 43.81 अरब अमेरिकी डॉलर पर पहुंच गया, जबकि इसी अवधि में व्यापार घाटा घटकर 26.86 अरब अमेरिकी डॉलर रह गया।

सरकारी आंकड़ों के अनुसार पिछले साल अगस्त में व्यापार घाटा 27.2 अरब अमेरिकी डॉलर था। वाणिज्य सचिव राजेश अग्रवाल ने बताया कि अगस्त में आयात भी करीब 14.1 प्रतिशत बढ़कर 70.76 अरब अमेरिकी डॉलर हो गया, जो पिछले साल इसी महीने 61.96 अरब अमेरिकी डॉलर था।

चालू वित्त वर्ष के अप्रैल से अगस्त तक के पांच महीनों में निर्यात 17.85 प्रतिशत की वृद्धि के साथ 215.91 अरब अमेरिकी डॉलर रहा। इसी अवधि में आयात 18.21 प्रतिशत बढ़कर 363 अरब अमेरिकी डॉलर पर पहुंच गया।

किन क्षेत्रों ने दी रफ्तार

वाणिज्य सचिव के अनुसार इंजीनियरिंग सामान, पेट्रोलियम उत्पाद, रसायन और कपड़ा जैसे क्षेत्रों ने निर्यात वृद्धि में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। इन क्षेत्रों में उत्पादन और मांग बढ़ने से निर्यात को गति मिली है।

भारतीय उत्पादों को अमेरिका, यूरोपीय संघ, ब्रिक्स देशों और दूसरी उभरती अर्थव्यवस्थाओं से अच्छी मांग मिली है। इससे यह भी संकेत मिलता है कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में भारतीय उत्पादों की स्वीकार्यता बढ़ रही है।

सोने के आयात में बड़ी गिरावट

  • सोने का आयात: अगस्त में सोने का आयात 57.7 प्रतिशत घटकर 2.3 अरब अमेरिकी डॉलर रह गया, जो अगस्त 2025 में 5.4 अरब अमेरिकी डॉलर था।
  • घाटे पर असर: निर्यात में मजबूत वृद्धि और सोने के आयात में इस गिरावट ने मिलकर व्यापार घाटा कम करने में मदद की।
  • पांच महीने की तस्वीर: अप्रैल-अगस्त में निर्यात और आयात दोनों दहाई अंक की दर से बढ़े हैं।

व्यापार घाटा उस स्थिति को कहते हैं जब किसी देश का आयात उसके निर्यात से अधिक हो जाता है। घाटे में कमी विदेशी मुद्रा भंडार की स्थिति मजबूत करती है और रुपये को स्थिरता देने में सहायक होती है।

निर्यात बढ़ने का सीधा असर घरेलू उद्योगों पर पड़ता है। उत्पादन बढ़ता है, नए रोजगार के अवसर बनते हैं और आर्थिक गतिविधियों में तेजी आती है। कुल मिलाकर ये आंकड़े अर्थव्यवस्था की मजबूती की ओर इशारा करते हैं।