शेयर बाजार में लौटी रौनक, सेंसेक्स 299 अंक चढ़ा; मेटल और FMCG शेयरों में जमकर खरीदारी

मुंबई: भारतीय शेयर बाजार में पिछले कुछ कारोबारी सत्रों से जारी गिरावट के सिलसिले पर आखिरकार बुधवार को ब्रेक लग गया। वैश्विक स्तर पर कच्चे तेल की कीमतों में आई स्थिरता और अमेरिका व ईरान के बीच कूटनीतिक बातचीत दोबारा शुरू होने की उम्मीदों ने घरेलू निवेशकों में नया भरोसा भरा। चौतरफा खरीदारी के दम पर दोनों प्रमुख बेंचमार्क सूचकांक हरे निशान में मजबूती के साथ बंद हुए।
कारोबार के अंत में, बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) का 30 शेयरों वाला संवेदी सूचकांक सेंसेक्स 299.17 अंक (0.4%) की बढ़त लेकर 74,828.25 के स्तर पर बंद हुआ। वहीं, नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) का मानक सूचकांक निफ्टी 50 भी 117.80 अंक (0.5%) उछलकर 23,446.80 के स्तर पर सफलतापूर्वक सेटल हुआ।
मेटल और फाइनेंशियल शेयरों ने संभाली कमान, आईटी फिसला
बाजार में बुधवार को लौटी इस रिकवरी का नेतृत्व मुख्य रूप से मेटल और बैंकिंग-फाइनेंशियल शेयरों ने किया:
चमकते सेक्टर: अंतरराष्ट्रीय बाजार में कमोडिटी की कीमतों में मजबूती आने से निफ्टी मेटल इंडेक्स 2% से अधिक की तेजी के साथ टॉप गेनर रहा। टाटा स्टील, हिंडाल्को इंडस्ट्रीज और बजाज फाइनेंस में भारी खरीदारी देखी गई। इसके अलावा एफएमसीजी (FMCG) और रियल्टी शेयरों में भी निवेशकों ने जमकर लिवाली की।
दबाव में रहा आईटी सेक्टर: दूसरी तरफ, आईटी कंपनियों के शेयरों में लगातार मुनाफावसूली और बिकवाली का दौर जारी रहा। टीसीएस (TCS), इन्फोसिस (Infosys) और एचसीएल टेक (HCL Tech) में गिरावट के चलते निफ्टी आईटी इंडेक्स आज का सबसे कमजोर सेक्टर साबित हुआ।
ब्रॉडर मार्केट और वैश्विक संकेतों का मिला समर्थन
प्रमुख सूचकांकों के साथ-साथ ब्रॉडर मार्केट में भी अच्छा एक्शन देखने को मिला। मझोली और छोटी कंपनियों के शेयरों में मजबूत खरीदारी से निफ्टी मिडकैप इंडेक्स में 0.70% और निफ्टी स्मॉलकैप इंडेक्स में 0.89% की बढ़त दर्ज की गई।
बाजार में तेजी की बड़ी वजह कच्चे तेल की कीमतों का लगभग 100 डॉलर प्रति बैरल के आसपास स्थिर होना रहा। भारत अपनी जरूरत का 85% से अधिक कच्चा तेल आयात करता है, ऐसे में तेल की कीमतों में स्थिरता से देश में महंगाई और चालू खाता घाटे (CAD) पर दबाव कम होने की उम्मीद बंधी है। इसका सकारात्मक असर एशियाई बाजारों के साथ-साथ दलाल स्ट्रीट पर भी साफ दिखाई दिया।
Nifty का टेक्निकल आउटलुक: क्या हैं अहम सपोर्ट और रेसिस्टेंस?
बाजार विश्लेषकों और तकनीकी जानकारों के अनुसार, निफ्टी के लिए आगे का रुझान बेहद अहम स्तरों पर निर्भर करेगा:
- रेसिस्टेंस (ऊपरी रुकावट): ऊपरी स्तरों पर निफ्टी के लिए 23,450 से 23,500 का दायरा तत्काल रुकावट का काम करेगा। यदि निफ्टी 23,500 के पार टिकता है, तो बाजार में तेजी 23,600 के स्तर तक खिंच सकती है।
- सपोर्ट (निचला सहारा): किसी भी संभावित गिरावट की स्थिति में निफ्टी के लिए 23,300 पहला मजबूत सपोर्ट जोन है। इसके बाद अगला सबसे अहम सपोर्ट 23,200 के स्तर पर बना हुआ है।
तकनीकी मोमेंटम इंडिकेटर्स यह संकेत दे रहे हैं कि बाजार में बिकवाली का दबाव अब धीरे-धीरे थम रहा है और शॉर्ट-टर्म में स्थिरता आने की संभावना है।
