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त्योहारी सीजन से पहले थोक चीनी स्टॉक सीमा दोगुनी, 15 से बढ़ाकर 30 दिन की गई

20 September 2026
त्योहारी सीजन से पहले थोक चीनी स्टॉक सीमा दोगुनी, 15 से बढ़ाकर 30 दिन की गई

नई दिल्ली: सरकार ने थोक चीनी उपभोक्ताओं के लिए स्टॉक रखने की सीमा 15 दिन से बढ़ाकर 30 दिन कर दी है। यह फैसला त्योहारी सीजन से पहले लिया गया है, जब चीनी की मांग बढ़ने की उम्मीद रहती है। खाद्य और सार्वजनिक वितरण विभाग ने शुक्रवार को एक बयान में यह जानकारी दी। इस कदम का उद्देश्य औद्योगिक उपयोगकर्ताओं को त्योहारी महीनों के दौरान अधिक लचीलापन देना है।

यह निर्णय प्रमुख थोक उपभोक्ताओं के साथ विस्तृत परामर्श के बाद लिया गया। इन उपभोक्ताओं ने त्योहारी सीजन से पहले बढ़ी हुई स्टॉक सीमा की मांग की थी। सरकार का कहना है कि यह कदम थोक उपभोक्ताओं के हितों और घरेलू चीनी बाजार की स्थिरता के बीच संतुलन बनाने के लिए उठाया गया है।

क्या है नई सीमा और इसके नियम

अब तक जो थोक उपभोक्ता हर महीने दस टन से अधिक चीनी कच्चे माल के रूप में इस्तेमाल करते हैं, उन्हें अपनी आवश्यकता के 15 दिनों तक का स्टॉक रखने की अनुमति थी। अब यह सीमा दोगुनी होकर 30 दिन हो गई है। हालांकि बढ़ी हुई सीमा के तहत 15 दिन से अधिक का कोई भी स्टॉक केवल टैरिफ दर कोटा या अग्रिम प्राधिकरण योजना के तहत आयातित चीनी से ही आना चाहिए।

  • टैरिफ दर कोटा: सरकार पहले ही इसके तहत दस लाख टन चीनी के आयात की अनुमति दे चुकी है।
  • अग्रिम प्राधिकरण योजना: इसके तहत प्राप्त निर्यात-बाध्य चीनी की घरेलू बिक्री की भी अनुमति है।
  • खुला बाजार: खुले बाजार से खरीदी गई चीनी पर 15 दिन की खपत की सीमा पहले की तरह बनी रहेगी।
  • साप्ताहिक घोषणा: थोक उपभोक्ताओं को हर शुक्रवार खाद्य मंत्रालय के ऑनलाइन पोर्टल पर अपने चीनी स्टॉक की घोषणा करनी होगी।

मिल कीमत 25 फीसदी गिरी, खुदरा में सिर्फ दस फीसदी राहत

सरकार ने बताया कि एक्स-मिल चीनी कीमतों में करीब 25 फीसदी की गिरावट आई है। हालांकि खुदरा कीमतों में अगस्त के उच्चतम स्तर 65 रुपये से घटकर वर्तमान 58.50 रुपये तक यानी करीब दस फीसदी की ही कमी आई है। इससे साफ है कि सस्ती थोक दरों का लाभ उपभोक्ताओं तक पूरी तरह नहीं पहुंचा है।

खाद्य और सार्वजनिक वितरण विभाग के सचिव ने इंडियन शुगर एंड बायो-एनर्जी मैन्युफैक्चरर्स एसोसिएशन तथा अन्य चीनी व्यापार निकायों के प्रतिनिधियों के साथ हुई संयुक्त बैठक में यह बात कही। सरकार ने थोक विक्रेताओं, खुदरा विक्रेताओं और व्यापक व्यापार जगत से आग्रह किया कि वे कम एक्स-मिल कीमतों का लाभ तुरंत उपभोक्ताओं तक पहुंचाएं।

किसानों को मिलेगा 365 रुपये प्रति क्विंटल एफआरपी

सचिव ने कहा कि किसान और उपभोक्ता भारत की चीनी नीति के दो मुख्य स्तंभ बने हुए हैं। एक अक्तूबर 2026 से शुरू होने वाले नए चीनी सीजन के साथ किसानों को 365 रुपये प्रति क्विंटल का उच्च उचित और लाभकारी मूल्य यानी एफआरपी प्राप्त होगा। मंत्रालय ने कहा है कि वह चीनी की उपलब्धता और कीमतों पर बारीकी से निगरानी रखेगा।