BREAKINGBreaking headlines from Uttar Pradesh, Uttarakhand, Delhi, and beyond.
Aaj Ka Sach
Home /uk

उत्तराखंड: पहाड़ से मैदान तक क्षेत्रीय बीमारियों पर होगा गहन शोध, मेडिकल कॉलेजों में बनेंगे 'रिसर्च सेल'

12 September 2026
उत्तराखंड: पहाड़ से मैदान तक क्षेत्रीय बीमारियों पर होगा गहन शोध, मेडिकल कॉलेजों में बनेंगे 'रिसर्च सेल'

  • एथिकल कमेटी का गठन, आईसीएमआर (ICMR) और यूकोस्ट (UCOST) के साथ मिलकर काम करेगा चिकित्सा शिक्षा विभाग
  • कैंसर, जलजनित व गैर-संचारी रोगों (NCD) पर रहेगा विशेष फोकस; तेज स्क्रीनिंग के लिए एआई (AI) का लिया जाएगा सहारा

देहरादून। उत्तराखंड के पर्वतीय और मैदानी क्षेत्रों में तेजी से फैल रही स्थानीय बीमारियों की रोकथाम और उनकी जड़ तक पहुंचने के लिए चिकित्सा शिक्षा विभाग ने व्यापक शोध (रिसर्च) की तैयारी शुरू कर दी है। इसके लिए विभाग ने औपचारिक तौर पर 'एथिकल समिति' का गठन कर दिया है। इसके साथ ही जल्द ही प्रदेश के सभी राजकीय मेडिकल कॉलेजों में समर्पित 'रिसर्च सेल' भी स्थापित किए जाएंगे।

यह पूरा शोध कार्य भारतीय चिकित्सा अनुसंधान परिषद (आईसीएमआर) और उत्तराखंड राज्य विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिषद (यूकोस्ट) सहित अन्य प्रतिष्ठित वैज्ञानिक संस्थानों के साथ मिलकर किया जाएगा।

बीमारियों के कारणों का अब तक नहीं हुआ था कोई समर्पित शोध

राज्य के पर्वतीय जिलों में कैंसर, दूषित पानी व जानवरों से फैलने वाले संक्रामक रोग और नॉन-कम्युनिकेबल डिजीज (एनसीडी) के मामले लगातार बढ़ रहे हैं। मैदानी इलाकों में भी स्थिति चिंताजनक बनी हुई है। क्लीनिकल स्तर पर चिकित्सक इन बीमारियों के पीछे अलग-अलग अनुमान तो लगाते रहे हैं, लेकिन अब तक कोई पुख्ता और समर्पित शोध न होने के कारण इनकी रोकथाम के लिए उठाए जा रहे कदम पूरी तरह प्रभावी साबित नहीं हो पा रहे थे। डॉक्टरों की इसी मांग और जमीनी हकीकत को देखते हुए अब विभाग ने व्यवस्थित शोध कराने का फैसला लिया है।

रिसर्च सेल में फैकल्टी और छात्र होंगे शामिल

विभाग के मुताबिक, मेडिकल कॉलेजों में बनने वाले रिसर्च सेल में वरिष्ठ फैकल्टी मेंबर्स और छात्र प्रतिनिधियों को शामिल किया जाएगा। इससे युवा डॉक्टरों और मेडिकल छात्रों में भी शोध के प्रति रुचि बढ़ेगी और सटीक डेटा जुटाने में मदद मिलेगी।

तेज स्क्रीनिंग के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) का इस्तेमाल

चिकित्सा शिक्षा विभाग बीमारियों की तेज और सटीक पहचान (स्क्रीनिंग) के लिए आधुनिक 'आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस' (एआई) मॉडल को भी शामिल करने जा रहा है। हालांकि, इसमें मानवीय निगरानी पूरी तरह बनी रहेगी। इसके लिए चयनित मेडिकल कॉलेजों के फैकल्टी सदस्यों को एआई टूल्स के संचालन का विशेष प्रशिक्षण दिया जाएगा।

स्किल सेंटर होंगे हाईटेक, डॉक्टरों को मिलेगा शोध का प्रशिक्षण

प्रदेश के मेडिकल कॉलेजों में पहले से स्थापित 'स्किल सेंटरों' को अब और अधिक हाईटेक किया जाएगा। वर्तमान में इन सेंटरों में चारधाम यात्रा, महाकुंभ, कांवड़ और मानसरोवर यात्रा जैसे बड़े धार्मिक आयोजनों में तैनात होने वाले डॉक्टरों को ट्रेनिंग दी जाती है। अब इन्हीं स्किल सेंटरों में शोध दल में शामिल डॉक्टरों को आधुनिक रिसर्च तकनीकों का विशेष प्रशिक्षण दिया जाएगा।

अधिकारिक बयान:
"प्रदेश में क्षेत्रीय बीमारियों पर चिकित्सा शिक्षा विभाग अब व्यापक शोध करने जा रहा है। इसके लिए आईसीएमआर और यूकोस्ट जैसे संस्थानों के साथ मिलकर काम किया जाएगा। हमारा मुख्य उद्देश्य बीमारियों के मूल कारणों की तह तक पहुंचना और उनका प्रभावी समाधान निकालना है।"
डॉ. आशुतोष सयाना, निदेशक, चिकित्सा शिक्षा विभाग, उत्तराखंड