Pitru Paksha Vastu Tips: पितृपक्ष में प्रतिदिन करें ये 3 आसान काम; रोग, दोष और दरिद्रता से मिलेगी मुक्ति

सनातन धर्म में पितृपक्ष (श्राद्ध पक्ष) का समय पूर्वजों के प्रति आभार व्यक्त करने और उनका आशीर्वाद पाने का सबसे पवित्र काल माना गया है। वास्तु शास्त्र के अनुसार, इन 16 दिनों में घर की ऊर्जा सीधे तौर पर हमारे भाग्य और पितरों की तृप्ति से जुड़ी होती है। यदि इस दौरान प्रतिदिन 3 विशेष वास्तु नियमों का पालन किया जाए, तो पितृ दोष शांत होता है और घर से नकारात्मक ऊर्जा, बीमारियां व आर्थिक तंगी दूर होती हैं।
1. घर की दहलीज की सफाई और गंगाजल का छिड़काव
वास्तु शास्त्र में घर के मुख्य द्वार और दहलीज को सकारात्मक ऊर्जा का प्रवेश द्वार माना गया है।
क्या करें: पितृपक्ष के 16 दिनों में रोजाना सुबह उठकर मुख्य द्वार और दहलीज को अच्छी तरह साफ करें। इसके बाद तांबे के लोटे में जल लेकर उसमें थोड़ा गंगाजल मिलाएं और दहलीज पर छिड़काव करें।
लाभ: मान्यता है कि पितृपक्ष में पूर्वज सूक्ष्म रूप में घर के द्वार पर आते हैं। मुख्य द्वार के स्वच्छ और पवित्र होने से पितर तृप्त होकर सुख-समृद्धि का आशीर्वाद देते हैं। इससे घर में दरिद्रता का वास नहीं होता।
2. दक्षिण दिशा में दीपक जलाएं (पितरों के नाम दीपदान)
वास्तु और धर्मग्रंथों में दक्षिण दिशा को यम और पितरों की दिशा माना गया है।
क्या करें: पितृपक्ष में प्रतिदिन सूर्यास्त के समय घर की दक्षिण दिशा में (या मुख्य द्वार के पास दक्षिण की ओर मुख करके) सरसों के तेल या तिल के तेल का एक दीपक अवश्य जलाएं।
लाभ: वास्तु के अनुसार, दक्षिण दिशा में दीपक जलाने से घर के वास्तु दोष कटते हैं और पितरों का मार्ग आलोकित होता है। यह उपाय अकाल मृत्यु के भय, असाध्य रोगों और पारिवारिक कलह से मुक्ति दिलाने में अत्यंत फलदायी माना जाता है।
3. पंचबलि कर्म और ईशान कोण की शुद्धि (अन्न-जल सेवा)
वास्तु के अनुसार घर का ईशान कोण (उत्तर-पूर्व दिशा) देव स्थान होता है, जबकि पितरों का सीधा संबंध हमारे द्वारा दिए गए अन्न-जल से होता है।
क्या करें: रोजाना घर में बनने वाले भोजन में से पहला हिस्सा गाय, कौवे, कुत्ते और चींटियों के लिए (पंचबलि स्वरूप) निकालें। साथ ही घर की छत या बालकनी में पक्षियों के लिए स्वच्छ जल और दाना रखें। ध्यान रखें कि घर का ईशान कोण पूरी तरह साफ और भारी सामान से मुक्त रहे।
लाभ: जीवों को अन्न देने से ग्रहों के अशुभ प्रभाव समाप्त होते हैं और पितृ दोष से तुरंत राहत मिलती है। ईशान कोण की स्वच्छता से घर में धन का ठहराव बढ़ता है और कर्ज से मुक्ति मिलती है।
इन बातों का भी रखें ध्यान:
पितृपक्ष के दौरान घर में कलह, चीख-पुकार या क्रोध का वातावरण न बनने दें।
यदि घर में पूर्वजों की तस्वीर लगानी हो, तो वास्तु के अनुसार उसे हमेशा उत्तर की दीवार पर लगाएं, ताकि उनका मुख दक्षिण की ओर रहे। तस्वीर कभी भी बेडरूम या पूजा घर में न रखें।
