पाकिस्तान-अफगानिस्तान में फिर छिड़ा खूनी संघर्ष: बॉर्डर पर सेना की जवाबी कार्रवाई में 13 तालिबानी लड़ाके ढेर, एयरस्ट्राइक के बाद भड़की जंग

पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच एक बार फिर सीमा पर भारी गोलाबारी और सैन्य टकराव शुरू हो गया है। बलूचिस्तान के गुलिस्तान सेक्टर और अफगानिस्तान के कंधार प्रांत स्थित स्पिन बोल्डक सीमा पर दोनों देशों की सेनाओं के बीच रातभर भीषण गोलीबारी हुई। पाकिस्तान के सूचना मंत्रालय और सुरक्षा सूत्रों के अनुसार, पाकिस्तानी सेना ने अफगान लड़ाकों की घुसपैठ और हमले को नाकाम करते हुए जवाबी कार्रवाई में कम से कम 13 अफगान तालिबान लड़ाकों को मार गिराया और कई अन्य को घायल कर दिया है।
यह ताजा खूनी झड़प पाकिस्तान द्वारा अफगानिस्तान के तीन प्रांतों (कंधार, पक्तिया और खोस्त) में 10 ठिकानों पर किए गए हवाई और ड्रोन हमलों के ठीक बाद भड़की है।
पाकिस्तान की एयरस्ट्राइक से शुरू हुआ विवाद
तनाव की शुरुआत तब हुई जब पाकिस्तान के सूचना मंत्री अताउल्लाह तरार ने दावा किया कि अफगानिस्तान की जमीन से पाकिस्तान पर ड्रोन दागे गए थे। इसके जवाब में पाकिस्तान ने अफगानिस्तान के पक्तिया, खोस्त और कंधार में "सटीक हवाई और ड्रोन हमले" कर 10 ठिकानों को तबाह करने का दावा किया, जिन्हें पाकिस्तान ने आतंकियों और ड्रोन लॉन्चिंग के ठिकाने बताया। इस हमले में अफगान तालिबान ने दावा किया कि आम नागरिकों की मौत हुई है और तालिबान प्रवक्ता जबीहुल्लाह मुजाहिद ने पाकिस्तान को "माकूल जवाब" देने की चेतावनी दी थी।
बॉर्डर पर आमने-सामने की भीषण जंग
हवाई हमलों के कुछ ही घंटों बाद दोनों देशों की सेनाएं सीमा पर आमने-सामने आ गईं:
गुलिस्तान सेक्टर में गोलीबारी: पाकिस्तानी अधिकारियों के अनुसार, अफगान तालिबान लड़ाकों ने बलूचिस्तान के गुलिस्तान सेक्टर से भारतीय उपमहाद्वीप की डूरंड सीमा पार करने और हमला करने की कोशिश की।
क्वॉडक्रॉप्टर्स और मोर्टार का इस्तेमाल: पाकिस्तानी सेना ने जवाबी कार्रवाई में मोर्टार दागे और ड्रोन/क्वॉडक्रॉप्टर्स के जरिए तालिबान की सुरक्षा चौकियों को निशाना बनाया। चमन और स्पिन बोल्डक इलाके में स्थानीय लोगों के अनुसार धमाकों और गोलियों की आवाजें आधी रात के बाद तक गूंजती रहीं।
तालिबान और पाकिस्तान के बीच पुराना विवाद
अगस्त 2021 में काबुल में तालिबान की सत्ता वापसी के बाद से दोनों पड़ोसियों के रिश्ते बदतर होते जा रहे हैं:
TTP का पनाहगाह होने का आरोप: पाकिस्तान लगातार आरोप लगाता रहा है कि 'तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान' (TTP) के आतंकी अफगानिस्तान की जमीन से पाकिस्तान के सुरक्षा बलों पर हमले कर रहे हैं।
अफगानिस्तान का रुख: अफगान तालिबान इन आरोपों को सिरे से खारिज करता है और पाकिस्तान के आंतरिक सुरक्षा संकट के लिए उसे खुद जिम्मेदार ठहराता है। इसके अलावा, दोनों देशों के बीच 2,640 किलोमीटर लंबी 'डूरंड रेखा' को लेकर भी ऐतिहासिक सीमा विवाद बना हुआ है।
क्षेत्रीय स्थिरता पर खतरा
चीन, तुर्की, कतर और सऊदी अरब जैसे देश दोनों पड़ोसियों के बीच शांति स्थापित कराने की कोशिश कर रहे थे, लेकिन इस नए टकराव ने मध्यस्थता के प्रयासों को गहरा झटका दिया है। सीमा पर लगातार दोनों तरफ से अतिरिक्त सैन्य टुकड़ियों को अलर्ट पर रखा गया है, जिससे पूर्ण सैन्य संघर्ष का खतरा बढ़ गया है।
