मौसम का रौद्र रूप: यूपी, बिहार, ओडिशा समेत 15+ राज्यों में शनिवार को भारी बारिश और आंधी का अलर्ट; समुद्र तटों पर जाने पर रोक

डिप्रेशन और वेस्टर्न डिस्टर्बेंस की दोहरी मार
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, ओडिशा और छत्तीसगढ़ के ऊपर सक्रिय डीप डिप्रेशन उत्तर-पश्चिम दिशा की ओर बढ़ रहा है। इसके साथ ही उत्तर भारत के ऊपर एक पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) भी सक्रिय है। इन दोनों मौसमी प्रणालियों के आपस में मिलने से उत्तर, पूर्व और मध्य भारत में मानसून जाते-जाते एक बार फिर पूरी ताकत से बरस रहा है।
राज्यवार मौसम का हाल:
उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड: पूर्वी और पश्चिमी यूपी में शनिवार को गरज-चमक के साथ मूसलाधार बारिश का पूर्वानुमान है। उत्तराखंड के कई पहाड़ी जिलों में भूस्खलन (Landslide) की आशंका के चलते रेड अलर्ट जारी किया गया है।
बिहार और झारखंड: गंगा के मैदानी इलाकों और सीमांचल के जिलों में आंधी के साथ भारी वर्षा और आकाशीय बिजली (वज्रपात) गिरने का खतरा है।
ओडिशा और तटीय आंध्र प्रदेश: चक्रवाती प्रभाव के कारण तटीय और अंदरूनी जिलों में रुक-रुक कर भारी बारिश जारी है। कई नदियों का जलस्तर बढ़ने से बाढ़ जैसी स्थिति बन रही है।
दिल्ली-एनसीआर: दिल्ली, नोएडा, गाजियाबाद और गुरुग्राम में शनिवार को आंशिक रूप से बादल छाए रहेंगे और कुछ इलाकों में तेज हवाओं के साथ मध्यम से तेज बारिश दर्ज हो सकती है।
समुद्र तटों से दूर रहने की सख्त एडवाइजरी
बंगाल की खाड़ी में समुद्र की स्थिति बेहद उथल-पुथल भरी (Very Rough) बनी हुई है। पुरी, गोपालपुर, दीघा और विशाखापट्टनम जैसे लोकप्रिय समुद्री तटों पर ऊंची लहरें उठ रही हैं।
स्थानीय प्रशासन ने समुद्र तटों पर लाइफगार्ड्स की तैनाती बढ़ा दी है और पर्यटकों को समुद्र के नजदीक जाने से रोक दिया है।
अगले 48 घंटों तक मछुआरों को समुद्र में नाव न ले जाने की सख्त चेतावनी दी गई है।
नागरिकों और यात्रियों के लिए जरूरी सावधानियां:
बिजली कड़कने के दौरान बाहर न निकलें: आंधी-तूफान के समय खुले मैदानों, बड़े पेड़ों या बिजली के खंभों के नीचे शरण न लें।
पहाड़ी यात्राओं से बचें: उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश के संवेदनशील मार्गों पर लैंडस्लाइड के खतरे को देखते हुए यात्रा टालने की सलाह दी गई है।
ट्रैफिक एडवाइजरी: निचले शहरी इलाकों में जलभराव की स्थिति बन सकती है, इसलिए निकलने से पहले ट्रैफिक अपडेट जरूर चेक करें।
