27 सितंबर (रविवार) को बैंक खुलेंगे या नहीं? सरकार के आदेश और बैंक यूनियन के रुख से बढ़ा कन्फ्यूजन, जानें पूरी स्थिति

1. 5 दिन की बंदी और हॉफ-ईयरली क्लोजिंग का संकट
30 सितंबर बैंकों की छमाही क्लोजिंग (Half-Yearly Closing) की तिथि होती है। 26 सितंबर को चौथा शनिवार होने के कारण पहले से अवकाश है। यदि 27 सितंबर (रविवार) के बाद 28, 29 और 30 सितंबर को हड़ताल होती है, तो सरकारी बैंकों में लगातार 5 दिनों तक ताला लटक जाएगा। इस वित्तीय संकट और आम लोगों को नकदी निकासी या चेक क्लीयरेंस में होने वाली भारी परेशानी से बचाने के लिए वित्त मंत्रालय ने रविवार को बैंक शाखाएं व करेंसी चेस्ट पूरी तरह चालू रखने की मंजूरी दी।
2. बैंक यूनियनों ने क्यों उठाया सवाल?
इंडस्ट्रियल डिस्प्यूट्स एक्ट का हवाला: AIBOA ने बयान जारी कर कहा कि रविवार एक वैधानिक अवकाश है। उन्होंने कर्मचारियों से आग्रह किया कि वे रविवार को दफ्तर न जाएं।
कामकाज के दायरे पर अस्पष्टता: UFBU का कहना है कि RBI के आदेश में यह स्पष्ट नहीं है कि रविवार को सामान्य पब्लिक डीलिंग (पैसे जमा/निकासी) होगी या केवल प्रशासनिक व करेंसी चेस्ट का कार्य निपटाया जाएगा।
यूनियनों के इस विरोध के चलते रविवार को बैंकों में कर्मचारियों की उपस्थिति कम रहने की आशंका है, जिससे शाखाओं में सामान्य कामकाज प्रभावित हो सकता है।
3. बैंक यूनियनों की मुख्य मांगें क्या हैं?
यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस (UFBU), जो देश के करीब 90% बैंक कर्मचारियों का प्रतिनिधित्व करने का दावा करता है, मुख्य रूप से इन मांगों को लेकर अड़ा हुआ है:
बैंकों में 5-डे वर्किंग वीक (सभी शनिवारों को पूर्ण अवकाश) तुरंत लागू किया जाए।
पुरानी पेंशन योजना और पेंशन अपडेशन से जुड़े लंबित मुद्दों का समाधान हो।
नई भर्तियों और कार्यदबाव को कम करने की नीति बने।
आम ग्राहकों के लिए जरूरी सलाह:
डिजिटल सेवाओं का उपयोग करें: इंटरनेट बैंकिंग, मोबाइल बैंकिंग और UPI (PhonePe, Google Pay, Paytm आदि) सेवाएं सातों दिन और 24 घंटे सामान्य रूप से काम करती रहेंगी।
शाखा जाने से पहले पुष्टि करें: 27 सितंबर (रविवार) को यदि आपको अपनी नजदीकी सरकारी बैंक शाखा जाना है, तो पहले वहां के स्टाफ या हेल्पलाइन से संपर्क कर लें कि पब्लिक काउंटर खुला है या नहीं।
एटीएम और नकदी: हड़ताल के दौरान कैश की किल्लत न हो, इसके लिए करेंसी चेस्ट को सक्रिय रखने के निर्देश दिए गए हैं, फिर भी समय रहते जरूरी नकदी की व्यवस्था कर लें।
