BREAKINGBreaking headlines from Uttar Pradesh, Uttarakhand, Delhi, and beyond.
Aaj Ka Sach
Home /sports

विश्व शतरंज चैंपियनशिप जेनेवा में, खिताब बचाने उतरेंगे गुकेश; सामने होंगे सिंदारोव

15 September 2026
विश्व शतरंज चैंपियनशिप जेनेवा में, खिताब बचाने उतरेंगे गुकेश; सामने होंगे सिंदारोव

जेनेवा: विश्व शतरंज चैंपियनशिप इस बार स्विट्जरलैंड के जेनेवा में खेली जाएगी। मौजूदा विश्व चैंपियन भारत के डी गुकेश अपने खिताब की रक्षा के लिए उतरेंगे और उनके सामने चुनौती होगी उज्बेकिस्तान के जावोखिर सिंदारोव की। मुकाबले 24 नवंबर से 11 दिसंबर तक चलेंगे।

आयोजन स्थल के तौर पर कोलोनी स्थित फोंडासियोन मार्टिन बोडमेर पुस्तकालय एवं संग्रहालय को चुना गया है। उद्घाटन समारोह 22 नवंबर को होगा और जरूरत पड़ने पर टाईब्रेक 12 दिसंबर को खेला जाएगा। स्विट्जरलैंड में विश्व चैंपियनशिप आखिरी बार 2004 में हुई थी, जब क्रैमनिक ने लेको को हराया था। यानी 22 साल बाद यह मुकाबला वहां लौट रहा है।

मुकाबले का प्रारूप

चैंपियनशिप में अधिकतम 14 क्लासिकल बाजियां खेली जाएंगी। जीत पर एक अंक और ड्रॉ पर आधा अंक मिलेगा। जो खिलाड़ी पहले 7.5 अंक तक पहुंचेगा, वही विजेता होगा। यदि मुकाबला 7-7 की बराबरी पर खत्म होता है तो नतीजा टाईब्रेक से निकाला जाएगा।

समय नियंत्रण के तहत पहली 40 चालों के लिए 120 मिनट मिलेंगे, इसके बाद 30 मिनट अतिरिक्त दिए जाएंगे। 41वीं चाल से हर चाल पर 30 सेकंड जोड़े जाएंगे। नियमों के मुताबिक काले मोहरों से खेल रहा खिलाड़ी 40वीं चाल से पहले ड्रॉ का प्रस्ताव नहीं दे सकेगा, ताकि बाजियां जल्दी बराबरी पर न खत्म हों।

इनाम राशि

  • कुल पुरस्कार: 25 लाख अमेरिकी डॉलर, यानी करीब 23.97 करोड़ रुपये।
  • प्रति जीत: हर बाजी जीतने पर 2 लाख डॉलर यानी करीब 1.91 करोड़ रुपये।
  • शेष राशि: बची हुई रकम दोनों खिलाड़ियों में बराबर बांटी जाएगी।

इससे पहले ओलंपियाड

विश्व चैंपियनशिप से पहले शतरंज ओलंपियाड का आयोजन मंगलवार से समरकंद में शुरू हो रहा है, जो 27 सितंबर तक चलेगा। भारत की पुरुष और महिला दोनों टीमें अपने खिताब का बचाव करने उतरेंगी। सोमवार को फिडे के अंतरिम अध्यक्ष विश्वनाथन आनंद और अखिल भारतीय शतरंज महासंघ के अध्यक्ष नितिन नारंग ने ओलंपियाड की मशाल सिंदारोव को सौंपी।

बीस वर्ष के गुकेश सबसे कम उम्र में विश्व चैंपियन बनने वाले खिलाड़ी हैं। जेनेवा में उनका सामना एक ऐसे प्रतिद्वंद्वी से होगा जो उम्र में उनके करीब है, जिससे यह मुकाबला शतरंज की नई पीढ़ी के बीच की टक्कर बन गया है।