15 साल से कम उम्र के बच्चों के पासपोर्ट के नियम बदले, अब पांच साल या 18 की उम्र तक वैध

नई दिल्ली: बच्चों के पासपोर्ट से जुड़े नियमों में अहम बदलाव किया गया है। नई व्यवस्था के तहत 15 साल से कम उम्र के बच्चे को जारी किया गया 36 पन्नों का साधारण पासपोर्ट जारी होने की तारीख से पांच साल तक, या बच्चे के 18 साल का होने तक, इनमें से जो भी पहले हो, वैध रहेगा।
इससे जुड़ी अधिसूचना पासपोर्ट नियम संशोधन नियम, 2026 के नाम से 17 सितंबर को भारत के राजपत्र में प्रकाशित की गई। इसके जरिये पासपोर्ट नियम, 1980 में संशोधन किया गया है। संशोधित नियम 12 की उपधारा 1 क में वैधता से जुड़ा यह नया प्रावधान जोड़ा गया है। नए नियम 17 सितंबर से ही प्रभावी हो गए हैं।
शुल्क से जुड़े नियम में भी बदलाव
आवेदन शुल्क से संबंधित नियम 8 में भी संशोधन किया गया है। अब हर श्रेणी के लिए शुल्क वही होगा, जो अनुसूची चार में तय किया गया है। यह शुल्क ढांचा नए आवेदन, तत्काल सेवा, नवीनीकरण, खोए या क्षतिग्रस्त पासपोर्ट की जगह नया पासपोर्ट बनवाने और पुलिस सत्यापन प्रमाणपत्र जैसी सभी सेवाओं पर लागू होता है।
छूट किसे और कहां
- किसे छूट: आठ साल से कम उम्र के बच्चों और 60 साल से ऊपर के वरिष्ठ नागरिकों को 10 प्रतिशत की छूट जारी रहेगी।
- कहां लागू: यह छूट नए पासपोर्ट के आवेदन पर मिलेगी।
- कहां नहीं: दोबारा जारी करने यानी री-इश्यू के आवेदनों पर यह छूट लागू नहीं होगी।
पासपोर्ट शुल्क में हुई बढ़ोतरी पहली जुलाई से प्रभावी हो चुकी है। अब वैधता से जुड़े इस बदलाव के बाद अभिभावकों के लिए यह समझना आसान हो जाएगा कि बच्चे का पासपोर्ट कब तक काम आएगा और उसे दोबारा कब बनवाना पड़ेगा।
बच्चों की उम्र के साथ चेहरे में तेजी से बदलाव आता है, इसलिए उनके यात्रा दस्तावेज की वैधता वयस्कों की तुलना में कम रखी जाती रही है। नया प्रावधान इसी तर्क को और स्पष्ट रूप में रखता है, ताकि 18 साल की उम्र पूरी होने पर बच्चे को वयस्क श्रेणी का पासपोर्ट मिल सके।
