वीरता पदक विजेताओं को अब डिजिटल ई-पास पर मुफ्त रेल यात्रा, एक नवंबर से शुरू होगी सुविधा

नई दिल्ली: वीरता पदक विजेताओं और उनके पात्र परिजनों को आजीवन मुफ्त रेल यात्रा की सुविधा अब डिजिटल रूप में मिलेगी। यह व्यवस्था एक नवंबर से शुरू होगी, जिसके बाद पात्र लोग भारतीय रेल रियायत कार्ड पोर्टल पर पंजीकरण कराकर आईआरसीटीसी की वेबसाइट से सीधे यात्रा की बुकिंग कर सकेंगे।
रक्षा मंत्रालय ने इस साल मार्च में सेना पदक, नौसेना पदक और वायुसेना पदक के वीरता श्रेणी के विजेताओं को आजीवन मुफ्त रेल यात्रा की सुविधा देने को मंजूरी दी थी। अब उसी सुविधा को कागजी प्रक्रिया से हटाकर डिजिटल मंच पर लाया जा रहा है।
किन्हें मिलेगी सुविधा
- पदक विजेता: वीरता श्रेणी के सेना, नौसेना और वायुसेना पदक विजेताओं को यह सुविधा आजीवन मिलेगी।
- जीवनसाथी: पदक विजेता के जीवनसाथी को भी यह सुविधा उपलब्ध रहेगी।
- माता-पिता: सेवा के दौरान जान गंवाने वाले अविवाहित पदक विजेताओं के माता-पिता को भी यह सुविधा मिलेगी।
- विधवा या विधुर: पदक विजेता की विधवा या विधुर को पुनर्विवाह होने तक यह सुविधा जारी रहेगी।
किन श्रेणियों में कर सकेंगे यात्रा
पात्र यात्री प्रथम श्रेणी वातानुकूलित, द्वितीय श्रेणी वातानुकूलित और एसी चेयर कार में यात्रा कर सकेंगे। पहचान और पात्रता के सत्यापन के बाद उन्हें कागज रहित ई-पास जारी किया जाएगा, जिसका उपयोग सीधे ऑनलाइन बुकिंग के समय किया जा सकेगा।
अभी तक इस तरह की रियायत के लिए कागजी पास और संबंधित कार्यालयों के चक्कर लगाने पड़ते थे। नई व्यवस्था में पूरी प्रक्रिया ऑनलाइन होने से समय की बचत होगी और दूरदराज के इलाकों में रहने वाले पूर्व सैनिकों तथा उनके परिवारों को भी आसानी होगी।
वीरता पदक सशस्त्र बलों के उन जवानों और अधिकारियों को दिए जाते हैं, जिन्होंने असाधारण साहस का परिचय दिया हो। इस सुविधा के डिजिटल होने को उनके सम्मान को व्यावहारिक रूप देने की दिशा में एक कदम माना जा रहा है।
