दिल्ली: 76 मौलिक पेंटिंग्स में उतरा सार्वजनिक जीवन का सफर, आंबेडकर इंटरनेशनल सेंटर में लगी कला प्रदर्शनी

नई दिल्ली: डॉ. आंबेडकर इंटरनेशनल सेंटर में शनिवार को एक कला प्रदर्शनी का आयोजन किया गया, जो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जीवन और सार्वजनिक यात्रा पर आधारित थी। प्रदर्शनी में देशभर के कलाकारों की बनाई 76 मौलिक पेंटिंग्स प्रदर्शित की गईं। इन चित्रों के माध्यम से बचपन से लेकर सार्वजनिक जीवन के महत्वपूर्ण पड़ावों को दर्शाया गया।
प्रदर्शनी का आयोजन विवेकानंद यूथ कनेक्ट फाउंडेशन और सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय के अंतर्गत आने वाले डॉ. आंबेडकर इंटरनेशनल सेंटर ने संयुक्त रूप से किया। इसका उद्घाटन परोपकारी और लखी ग्रुप के अध्यक्ष दिलीप लखी तथा अहिंसा विश्व भारती और वर्ल्ड पीस सेंटर के संस्थापक जैन आचार्य डॉ. लोकेश मुनि ने किया।
हर चित्र के पीछे की कहानी सुनाई गई
आयोजक डॉ. राकेश सर्वज्ञ ने प्रत्येक चित्र के पीछे के प्रसंगों से दर्शकों को रूबरू कराया। उन्होंने बताया कि इन तस्वीरों में जीवन के संघर्ष, अनुभव और समय की यात्रा समाहित है। उनका कहना था कि हर पेंटिंग एक कहानी कहती है, जो देखने वाले को सोचने पर मजबूर करती है। दर्शकों ने चित्रों के सामने रुककर लंबी बातचीत भी की।
उद्योग, सुरक्षा और बचपन के अलग-अलग रंग
प्रदर्शनी की एक पेंटिंग में उद्योगपति रतन टाटा के साथ का दृश्य है। यह चित्र वर्ष 2008 में टाटा नैनो परियोजना के पश्चिम बंगाल के सिंगूर से गुजरात स्थानांतरित होने की घटना को दर्शाता है। डॉ. राकेश सर्वज्ञ ने बताया कि इसमें उद्योग को प्रोत्साहित करने की भूमिका दिखाई गई है और यह चित्र आर्थिक विकास तथा नीतिगत निर्णयों के असर को उजागर करता है।
एक अन्य पेंटिंग में राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल के साथ बातचीत का दृश्य है। आयोजक के मुताबिक इसके जरिये कलाकार ने राष्ट्रीय सुरक्षा, रणनीतिक चर्चाओं और बदलती वैश्विक परिस्थितियों का उल्लेख किया है। वहीं एक भावनात्मक पेंटिंग वडनगर स्टेशन पर बचपन में चाय बेचने के प्रसंग पर आधारित है।
प्रदर्शनी की खास बातें
- 76 चित्र: देशभर के कलाकारों ने अलग-अलग शैलियों में ये मौलिक पेंटिंग्स तैयार कीं।
- स्थान: डॉ. आंबेडकर इंटरनेशनल सेंटर, नई दिल्ली।
- आयोजक: विवेकानंद यूथ कनेक्ट फाउंडेशन और डॉ. आंबेडकर इंटरनेशनल सेंटर।
आयोजकों का कहना है कि इस तरह की प्रदर्शनियां युवा कलाकारों को बड़ा मंच देती हैं और समकालीन विषयों पर चित्रकला के जरिये संवाद का रास्ता खोलती हैं। प्रदर्शनी देखने पहुंचे कई दर्शकों ने कहा कि एक ही जगह पर इतने कलाकारों की अलग-अलग शैलियों को साथ देखना अपने आप में दिलचस्प अनुभव रहा।
