दिल्ली सरकार ने शुरू किया अंगदान का आधिकारिक मंच, मुख्यमंत्री ने खुद लिया देहदान का संकल्प

नई दिल्ली: दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने अपने सभी अंग दान करने का संकल्प लिया है। उन्होंने कहा कि अंगदान मानवता का सबसे बड़ा कार्य है और लोगों से भी इसके लिए आगे आने की अपील की।
मुख्यमंत्री ने बताया कि दिल्ली सरकार ने अंगदान के लिए एक आधिकारिक मंच शुरू किया है, जो आज से पहले मौजूद नहीं था। उन्होंने कहा कि इसी मंच पर उन्होंने औपचारिक रूप से अंगदाता के तौर पर पंजीकरण कराया और इसका प्रमाणपत्र भी प्राप्त किया।
देहदान का पुराना संकल्प
मुख्यमंत्री ने बताया कि उन्होंने काफी पहले ही सिर्फ अंग नहीं, बल्कि मृत्यु के बाद अपना पूरा शरीर दान करने का संकल्प ले लिया था। उन्होंने कहा कि ईश्वर ने हमें ये शरीर दिया है लेकिन हमारे मरने के बाद भी ये जनसेवा के काम आए, ऐसे प्रण हम लेते हैं।
अंगदान को लेकर समाज में जागरूकता की कमी लंबे समय से महसूस की जाती रही है। आधिकारिक मंच बन जाने से इच्छुक लोगों को पंजीकरण के लिए एक तय और भरोसेमंद रास्ता मिल जाएगा, जिससे प्रक्रिया पारदर्शी भी होगी।
सरकारी स्कूलों के बच्चों का गीत
इसी कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने दिल्ली के सरकारी स्कूलों के विद्यार्थियों का तैयार किया गीत भी जारी किया। इस गीत के बोल बच्चों ने मिलकर लिखे हैं।
- मंच: अंगदान के लिए पंजीकरण अब सरकार के आधिकारिक मंच के जरिये किया जा सकेगा।
- प्रमाणपत्र: पंजीकरण कराने वाले को अंगदाता होने का प्रमाणपत्र दिया जा रहा है।
- बच्चों की भागीदारी: कई बच्चों ने अपने हाथों से कार्ड बनाए, जिन्हें प्रधानमंत्री तक पहुंचाने की बात मुख्यमंत्री ने कही।
मुख्यमंत्री ने कहा कि बच्चों की बनाई इन कार्ड्स को वह खुद प्रधानमंत्री तक पहुंचाना सुनिश्चित करेंगी। कार्यक्रम में मौजूद लोगों से उन्होंने अपील की कि वे भी अंगदान का संकल्प लेकर दूसरों को नया जीवन देने में भागीदार बनें।
