दिल्ली एयरपोर्ट का तीसरा रनवे रविवार से फिर शुरू, उड़ानों की देरी से मिलेगी राहत

नई दिल्ली: इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट का तीसरा रनवे 11आर/29एल रविवार से विमानों के परिचालन के लिए पूरी तरह तैयार हो जाएगा। संचालक कंपनी ने इस रनवे के पुनर्वास का काम सफलतापूर्वक पूरा कर लिया है और इसके बाद सभी आवश्यक निरीक्षण, परीक्षण तथा नियामकीय मंजूरियां भी प्राप्त कर ली गई हैं। इससे राजधानी से उड़ान भरने वाले लाखों यात्रियों को सीधा लाभ मिलने की उम्मीद है।
इस रनवे के पुनर्वास का कार्य फरवरी 2026 में शुरू किया गया था। तब से यहां लगातार काम चल रहा था और इसी वजह से एयरपोर्ट पर उपलब्ध रनवे की संख्या घट गई थी, जिसका असर व्यस्त समय की उड़ानों पर पड़ता रहा।
मजबूती के साथ आधुनिकीकरण भी
पुनर्वास के दौरान रनवे को अधिक मजबूत बनाने के साथ-साथ कई महत्वपूर्ण आधुनिकीकरण के काम भी किए गए। इन कामों में सुरक्षा, परिचालन क्षमता और आने वाले वर्षों की जरूरतों को ध्यान में रखा गया है, ताकि बढ़ते यातायात को संभाला जा सके।
क्या बदलेगा यात्रियों के लिए
- सुचारु आवाजाही: रनवे के दोबारा शुरू होने से विमानों की आवाजाही पहले से कहीं अधिक सुचारु हो सकेगी।
- बेहतर परिचालन क्षमता: एयरपोर्ट की परिचालन दक्षता में उल्लेखनीय वृद्धि होने की उम्मीद जताई गई है।
- देरी में कमी: उड़ानों में देरी जैसी शिकायतों से यात्रियों को राहत मिलने की संभावना है।
व्यस्त समय में सबसे ज्यादा असर
किसी भी बड़े एयरपोर्ट पर उपलब्ध रनवे की संख्या सीधे तौर पर तय करती है कि एक घंटे में कितने विमान उतर और उड़ान भर सकते हैं। सुबह और देर शाम के व्यस्त घंटों में यही क्षमता सबसे ज्यादा मायने रखती है, क्योंकि उसी दौरान सबसे अधिक उड़ानें निर्धारित होती हैं।
तीसरे रनवे के लौटने से हवाई क्षेत्र में विमानों के प्रतीक्षा समय में कमी आने की उम्मीद है। इससे ईंधन की खपत और उड़ानों के आगे-पीछे खिसकने का सिलसिला भी घट सकता है, जिसका असर पूरे नेटवर्क पर पड़ता है।
त्योहारों का मौसम शुरू हो चुका है और इस दौरान घरेलू उड़ानों में यात्रियों की संख्या सामान्य दिनों की तुलना में बढ़ जाती है। ऐसे समय में एक अतिरिक्त रनवे का उपलब्ध होना एयरपोर्ट के लिए बड़ी राहत मानी जा रही है।
