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पिथौरागढ़ में दिल दहला देने वाला हादसा: दौड़ते वक्त 14 साल के बेटे की अचानक मौत, सदमा न सह सकी मां ने सरयू नदी में कूदकर दी जान

19 September 2026
पिथौरागढ़ में दिल दहला देने वाला हादसा: दौड़ते वक्त 14 साल के बेटे की अचानक मौत, सदमा न सह सकी मां ने सरयू नदी में कूदकर दी जान

पिथौरागढ़:
उत्तराखंड के सीमांत जनपद पिथौरागढ़ के मड़े गांव से एक बेहद दर्दनाक और झकझोर देने वाली खबर सामने आई है। यहां शनिवार सुबह दौड़ लगाने निकले 14 वर्षीय छात्र की अचानक तबीयत बिगड़ने से मौत हो गई। इकलौते बेटे की असामयिक मौत का सदमा मां बर्दाश्त नहीं कर सकी और उसने अस्पताल से निकलकर करीब 30 किलोमीटर दूर सरयू नदी में छलांग लगाकर जान दे दी। कुछ ही घंटों के अंतराल में मां-बेटे की मौत से पूरे क्षेत्र में मातम छा गया है और हर कोई स्तब्ध है।

दौड़ते समय अचानक सड़क पर गिरा जतिन

मिली जानकारी के अनुसार, जिला मुख्यालय से करीब 15 किलोमीटर दूर वड्डा के पास मड़े गांव निवासी जतिन जोशी (14 वर्ष) कक्षा 9 का छात्र था। वह शनिवार सुबह रोजाना की तरह पास के झौलखेत मैदान में दौड़ लगाने गया था। दौड़ पूरी कर घर लौटते समय वह अचानक सड़क पर बेसुध होकर गिर पड़ा।

पीछे से आ रहे अन्य बच्चों ने जब जतिन को अचेत देखा, तो तुरंत उसके परिजनों को खबर दी। सूचना मिलते ही मां पूनम जोशी उर्फ पुष्पा बदहवास हालत में मौके पर पहुंची और आनन-फानन में टैक्सी से बेटे को लेकर जिला अस्पताल पहुंचीं। हालांकि, डॉक्टरों ने जांच के बाद जतिन को मृत घोषित कर दिया।

बेटे के शव को देख बेसुध हुई मां, नदी में लगाई छलांग

अस्पताल में इकलौते बेटे की मौत की खबर सुनते ही मां पूनम के होश उड़ गए। वह गहरे सदमे में अस्पताल परिसर से बाहर निकलीं और एक टैक्सी में सवार होकर गंगोलीहाट मार्ग की ओर निकल गईं। अस्पताल से करीब 30 किलोमीटर दूर घाट पहुंचने पर वह टैक्सी से उतरीं और सीधे सरयू नदी के तट की ओर दौड़ पड़ीं।

प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, एक स्थानीय होटल संचालक ने महिला को बचाने का भरसक प्रयास किया, लेकिन वह उन्हें रोक नहीं सके और पूनम ने नदी के तेज बहाव में छलांग लगा दी।

सूचना पर पहुंची घाट पुलिस ने तलाश अभियान चलाकर नदी से महिला का शव बरामद किया। पुलिस उपाधीक्षक (DSP) पिथौरागढ़ गोविंद बल्लभ जोशी ने बताया कि महिला का शव पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है और पूरे मामले की वैधानिक जांच की जा रही है।

2 साल पहले बेटी को खोया था, अब बेटा और पत्नी भी नहीं रहे

इस दुखद घटना ने एक पूरे परिवार को उजाड़ कर रख दिया है। परिजनों ने बताया कि यह परिवार पहले ही गहरे आघात से गुजर रहा था। करीब दो साल पहले पूनम की बड़ी बेटी की डायबिटीज (मधुमेह) के कारण मौत हो गई थी। अब 14 साल के इकलौते बेटे जतिन की मौत और फिर पत्नी के आत्मघाती कदम ने परिवार पर दुखों का पहाड़ तोड़ दिया है।

मृतका के पति कैलाश चंद्र जोशी असम राइफल्स में जवान हैं और वर्तमान में त्रिपुरा में तैनात हैं। परिवार मूल रूप से पिथौरागढ़ की गुरुंगतोली का रहने वाला है और वर्तमान में मड़े गांव में रह रहा था। पति के ड्यूटी पर होने के चलते घर में ताला लटका हुआ है। एक साथ दो मौतों की इस हृदयविदारक घटना से पूरे गांव में चूल्हे तक नहीं जले हैं।