ड्यूटी के साथ निभाई इंसानियत: गलत सेंटर पहुंच गया था यूपीएससी अभ्यर्थी, थानाध्यक्ष ने तीन मिनट पहले पहुंचाकर बचाया साल

नई दिल्ली: प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी में लगे एक अभ्यर्थी के लिए परीक्षा वाले दिन की एक छोटी सी चूक पूरे साल की मेहनत पर भारी पड़ सकती है। नई दिल्ली जिले में रविवार को ऐसा ही एक मामला सामने आया, जब यूपीएससी की परीक्षा देने निकला एक अभ्यर्थी गलती से गलत परीक्षा केंद्र पहुंच गया। जब तक उसे अपनी गलती का अहसास हुआ, केंद्र में प्रवेश बंद होने में बेहद कम समय बचा था।
ऐसे में नार्थ एवेन्यू थाने के थानाध्यक्ष रमेश कुमार ने मोर्चा संभाला और अभ्यर्थी को सही परीक्षा केंद्र तक पहुंचाया। वह भी तब, जब प्रवेश बंद होने में केवल तीन मिनट बाकी थे।
आखिरी मिनटों में बदल गई पूरी स्थिति
जानकारी के अनुसार अभ्यर्थी को जिस केंद्र पर पहुंचना था, वह उससे अलग जगह पहुंच गया था। परीक्षा केंद्रों पर प्रवेश का समय तय होता है और उसके बाद किसी को भीतर जाने की अनुमति नहीं मिलती। ऐसे में कुछ मिनटों की देरी भी पूरे एक साल की तैयारी को बेकार कर सकती थी।
स्थिति की गंभीरता को समझते हुए थानाध्यक्ष ने तुरंत अभ्यर्थी को सही केंद्र तक पहुंचाने की व्यवस्था की और तय समय सीमा के भीतर उसे वहां छोड़ा। अभ्यर्थी समय रहते परीक्षा केंद्र में प्रवेश पा गया।
वर्दी के साथ जुड़ी संवेदनशीलता
पुलिस की भूमिका आमतौर पर कानून-व्यवस्था बनाए रखने तक सीमित मानी जाती है, लेकिन ऐसे मौके बताते हैं कि वर्दी के साथ जुड़ी संवेदनशीलता कई बार किसी के भविष्य का रुख बदल देती है। इस मामले में भी ड्यूटी के साथ-साथ इंसानियत दिखाते हुए एक छात्र का साल बचा लिया गया।
परीक्षार्थियों के लिए सीख
यह घटना उन लाखों अभ्यर्थियों के लिए भी एक अहम सबक है, जो हर साल विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं में शामिल होते हैं। विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि परीक्षा से एक दिन पहले प्रवेश पत्र पर लिखे केंद्र का पता ध्यान से पढ़ लें, संभव हो तो केंद्र की लोकेशन पहले देख लें और घर से पर्याप्त समय पहले निकलें।
दिल्ली जैसे बड़े शहर में एक ही नाम से मिलते-जुलते कई संस्थान और भवन होते हैं, जिससे भ्रम की स्थिति बन जाती है। ऐसे में केंद्र का पूरा पता, पिन कोड और नजदीकी लैंडमार्क पहले से नोट कर लेना सबसे सुरक्षित तरीका माना जाता है।
