BREAKINGBreaking headlines from Uttar Pradesh, Uttarakhand, Delhi, and beyond.
Aaj Ka Sach
Home /uk

पीए पर ED की छापेमारी से गरमाई सियासत; हरीश रावत की दो टूक- 'पार्टी की साख पर बात आई तो छोड़ दूंगा पद'

12 September 2026
 पीए पर ED की छापेमारी से गरमाई सियासत; हरीश रावत की दो टूक- 'पार्टी की साख पर बात आई तो छोड़ दूंगा पद'

देहरादून: वरिष्ठ कांग्रेस नेता और उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने प्रवर्तन निदेशालय (ED) की कार्रवाई के बाद कांग्रेस के दो महत्वपूर्ण पदों से इस्तीफा देने की इच्छा जताई है। रावत ने कहा कि यदि उनके किसी बयान या कार्य से कांग्रेस के भ्रष्टाचार के खिलाफ चल रहे संघर्ष और उसके नैरेटिव पर असर पड़ता है, तो वह उत्तराखंड प्रदेश कांग्रेस कमेटी के कार्यकारी सदस्य और कांग्रेस कार्य समिति (CWC) के स्थायी आमंत्रित सदस्य के पद से हटना चाहेंगे।

रावत ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट के जरिए कहा कि कांग्रेस पार्टी की सदस्यता उनके लिए केवल राजनीतिक पहचान नहीं, बल्कि उनके जीवन का हिस्सा है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने उनके व्यक्तित्व और राजनीतिक जीवन का निर्माण किया है और यह रिश्ता उनके साथ स्वर्ग तक जाएगा।

ED की कार्रवाई के बाद सामने आया बयान

दरअसल, प्रवर्तन निदेशालय ने 2016 की उत्तराखंड अधीनस्थ सेवा चयन आयोग (UKSSSC) भर्ती परीक्षा में कथित अनियमितताओं से जुड़ी मनी लॉन्ड्रिंग जांच के सिलसिले में हरीश रावत के पूर्व ओएसडी के परिसरों पर छापेमारी की थी। कार्रवाई के बाद मीडिया रिपोर्टों में रावत के सहयोगी के ठिकाने से नकदी और आभूषण बरामद होने की बात सामने आई।

रावत ने अपने पूर्व ओएसडी का बचाव करते हुए कहा कि वह एक विनम्र और मेहनती व्यक्ति रहे हैं और उन्होंने पार्टी तथा सरकार में महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां संभाली हैं। हालांकि, रावत ने उनके खिलाफ लगाए गए किसी भी गलत काम के आरोप को खारिज किया।

उन्होंने कहा कि यदि ग्राम सेवकों की भर्ती में OMR शीट से छेड़छाड़ हुई है तो यह बेहद शर्मनाक होगा। हालांकि, उन्होंने कहा कि उन्हें इस आरोप पर विश्वास नहीं है।

‘मेरी वजह से पार्टी का संघर्ष कमजोर न हो’

हरीश रावत ने कहा कि उत्तराखंड विधानसभा चुनाव से पहले बड़ा दांव लगा हुआ है और कांग्रेस कार्यकर्ता भ्रष्टाचार के खिलाफ एकजुट होकर लड़ रहे हैं। उन्होंने राहुल गांधी के ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम का जिक्र करते हुए कहा कि कांग्रेस शिक्षा व्यवस्था में भ्रष्टाचार के खिलाफ आवाज उठा रही है।

भाजपा नेतृत्व वाले केंद्र पर निशाना साधते हुए रावत ने आरोप लगाया कि चुनाव के समय केंद्रीय एजेंसियों की कार्रवाई के जरिए राजनीतिक नैरेटिव बनाने की कोशिश की जाती है। उन्होंने कहा कि इस बार उनके सहयोगी के घर पर दस्तक देकर एक कहानी गढ़ने का प्रयास किया गया है।

रावत ने स्पष्ट किया कि वह फिलहाल कोई सरकारी पद नहीं संभाल रहे हैं, इसलिए सरकारी पद से इस्तीफे का सवाल नहीं उठता। लेकिन प्रदेश कांग्रेस कमेटी और CWC में अपने पदों से हटने की उन्होंने इच्छा जताई है।

UKSSSC के गठन और भर्ती प्रक्रिया पर भी बोले रावत

रावत ने उत्तराखंड अधीनस्थ सेवा चयन आयोग के गठन को लेकर भी अपना पक्ष रखा। उन्होंने कहा कि आयोग का गठन राज्य के युवाओं के भविष्य को ध्यान में रखकर किया गया था। अपने छोटे कार्यकाल का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि उनकी सरकार के दौरान शीर्ष पदों पर दो बार भर्तियां हुईं।

उन्होंने बताया कि उनकी सरकार ने भर्ती बोर्ड, मेडिकल भर्ती बोर्ड और शिक्षा भर्ती बोर्ड का गठन किया था। रावत के मुताबिक, उनके कार्यकाल में 42 हजार से अधिक सरकारी पदों पर भर्तियां की गईं।

‘गलती हुई तो उत्तराखंड के लोगों से माफी मांगूंगा’

पूर्व मुख्यमंत्री ने UKSSSC के अध्यक्ष की नियुक्ति का भी बचाव किया। उन्होंने कहा कि नियुक्ति संबंधित व्यक्ति के पिछले सेवा रिकॉर्ड को देखते हुए की गई थी। रावत ने बताया कि इस नियुक्ति को लेकर पूर्व मुख्यमंत्री और भाजपा नेता मेजर जनरल भुवन चंद्र खंडूरी (सेवानिवृत्त) से भी सलाह ली गई थी।

रावत ने कहा कि किसी व्यक्ति की नियुक्ति के समय यह अनुमान लगाना संभव नहीं होता कि वह भविष्य में गलत काम करेगा या नहीं। उन्होंने कहा कि यदि भर्ती प्रक्रिया में उनकी ओर से जानबूझकर या अनजाने में ऐसी कोई गलती हुई है, जिससे उत्तराखंड के युवाओं का भविष्य प्रभावित हुआ है, तो वह इसके लिए जिम्मेदारी लेने को तैयार हैं।

उन्होंने उत्तराखंड की जनता से भी ऐसी किसी चूक के लिए माफी मांगी और कहा कि यदि किसी के पास भर्ती प्रक्रिया में उनके हस्तक्षेप का कोई ठोस सबूत है, तो उसे CBI, ED या राज्य पुलिस को सौंपना चाहिए।

रावत ने दोहराया कि यदि जांच में उनकी कोई गलती सामने आती है तो कानून को उन्हें दंडित करना चाहिए। उन्होंने कहा कि वह नहीं चाहते कि उनकी वजह से कांग्रेस का भ्रष्टाचार के खिलाफ संघर्ष किसी भी स्तर पर कमजोर पड़े।