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निशानेबाजी में भारत का दबदबा: हिमांशु को रजत, रुद्रांक्ष को कांस्य; इस स्पर्धा से अब तक पांच पदक

21 September 2026
निशानेबाजी में भारत का दबदबा: हिमांशु को रजत, रुद्रांक्ष को कांस्य; इस स्पर्धा से अब तक पांच पदक

खेल डेस्क: एशियाई खेलों की निशानेबाजी स्पर्धा में भारत का प्रदर्शन लगातार बेहतर होता जा रहा है। पुरुषों की 10 मीटर एयर राइफल व्यक्तिगत स्पर्धा में हिमांशु ने रजत और रुद्रांक्ष पाटिल ने कांस्य पदक जीता। इसके साथ ही अकेले निशानेबाजी से भारत की झोली में पांच पदक आ चुके हैं।

फाइनल मुकाबला आखिरी शॉट तक रोमांचक रहा। एक समय रुद्रांक्ष शीर्ष पर चल रहे थे, लेकिन 9.7 के एक शॉट ने उन्हें पीछे धकेल दिया। इसका फायदा उठाकर चीन के शेन लिहाओ ने वापसी की और स्वर्ण पदक अपने नाम किया। हिमांशु ने संयम बनाए रखते हुए दूसरा स्थान हासिल किया।

टीम स्पर्धा में भी चमके थे दोनों

इससे पहले इन्हीं दोनों निशानेबाजों ने पार्थ माने के साथ मिलकर टीम स्पर्धा में रजत पदक जीता था। उस मुकाबले में स्वर्ण चीन के खाते में गया था और कांस्य दक्षिण कोरिया को मिला। महिलाओं की 10 मीटर एयर राइफल टीम स्पर्धा में भी भारत को रजत मिला, जबकि इलावेनिल वालारिवन ने व्यक्तिगत स्पर्धा में रजत पदक जीता।

  • हिमांशु: पुरुष 10 मीटर एयर राइफल व्यक्तिगत में रजत
  • रुद्रांक्ष पाटिल: इसी स्पर्धा में कांस्य पदक
  • टीम स्पर्धा: पुरुष और महिला दोनों वर्गों में रजत
  • इलावेनिल वालारिवन: महिला व्यक्तिगत स्पर्धा में रजत

कुल छह पदक, स्वर्ण का इंतजार

अब तक के अभियान में भारत के खाते में कुल छह पदक आ चुके हैं। इनमें पांच निशानेबाजी से और एक मिश्रित मार्शल आर्ट से मिला है, जहां सुचिका तरियाल ने कांस्य जीता। हालांकि स्वर्ण पदक का खाता अभी नहीं खुला है और दल को उम्मीद है कि आने वाले दिनों में यह कमी पूरी हो जाएगी।

निशानेबाजी बीते कुछ वर्षों में भारत के लिए भरोसेमंद खेल बनकर उभरी है। राज्यों में बनी नई शूटिंग रेंज, स्कूल स्तर पर प्रशिक्षण और अंतरराष्ट्रीय स्पर्धाओं में लगातार भागीदारी ने युवा निशानेबाजों की एक बड़ी कतार तैयार की है।

कोचों का कहना है कि एयर राइफल जैसी स्पर्धा में तकनीक जितनी अहम है, उतनी ही मानसिक मजबूती भी। एक कमजोर शॉट पूरे मुकाबले का रुख बदल देता है, इसलिए खिलाड़ियों को अब मनोवैज्ञानिक प्रशिक्षण और सांस नियंत्रण के अभ्यास पर भी बराबर समय दिया जा रहा है।